ईरान के हमले के बाद भारत ने उठाई आवाज, क्या बढ़ेगा तनाव?
In-depth: होर्मुज में भारतीय जहाजों पर गोलीबारी, क्या यूएन में भारत के आवाज उठाने से नाराज हुआ ईरान?
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ईरान के 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' ने होर्मुज जलडमरूमध्य में भारत के दो जहाजों पर गोलीबारी की, जिससे भारत ने ईरानी राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस घटना के पीछे भारत के यूएन में उठाए गए मुद्दों को भी जिम्मेदार माना जा रहा है।
- 01ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की।
- 02भारत ने ईरानी राजदूत को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
- 03गोलीबारी का कारण भारत का यूएन में तटस्थ रुख हो सकता है।
- 04भारत ने ईरान के खिलाफ प्रस्ताव का सह-प्रायोजक बनने का फैसला किया।
- 05अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर जुबानी हमला किया।
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शनिवार को ईरान के 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' ने होर्मुज जलडमरूमध्य में भारत के दो जहाजों, 'जग अर्णव' और 'सन्मार हेराल्ड', पर गोलीबारी की। इस घटना के बाद भारत ने ईरान के राजदूत मोहम्मद फताअली को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह घटना भारत के झंडे वाले जहाजों पर हुई, जिससे व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ा है। ईरान ने हाल ही में अमेरिका पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था और होर्मुज जलमार्ग को बंद करने की चेतावनी दी थी। भारत ने यूएन में तटस्थ रुख अपनाया, लेकिन 11 मार्च को ईरान के पड़ोसी देशों पर हमलों की निंदा करने वाले प्रस्ताव का सह-प्रायोजक बनने का फैसला किया। इस तनावपूर्ण स्थिति पर भारत ने उच्चस्तरीय बैठक भी की, जिसमें नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।
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इस घटना से भारत के व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में रुकावट आ सकती है।
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