कांगड़ा के किसान बलवीर सैणी ने 70 दुर्लभ देसी बीजों का बैंक बनाया
Kangra News: हिमाचल के सीड मैन... पटौला के बलवीर सैणी ने सहेजीं 70 दुर्लभ देसी किस्में, बनाया अपना बीज बैंक
Amar Ujala
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कांगड़ा जिले के पटौला गांव के किसान बलवीर सैणी ने 70 दुर्लभ देसी किस्मों का बीज बैंक स्थापित किया है, जो प्राकृतिक खेती के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने अब तक 1,000 किसानों को ये बीज वितरित किए हैं, जिससे पारंपरिक खेती को बढ़ावा मिल रहा है।
- 01बलवीर सैणी ने 70 देसी किस्मों का बीज बैंक स्थापित किया है।
- 02उन्होंने 1,000 से अधिक किसानों को देसी बीज वितरित किए हैं।
- 03उनके बैंक में विभिन्न सब्जियों की कई किस्में शामिल हैं।
- 04सैणी हिमाचल सरकार की स्टेट सीड एंड ऑर्गेनिक प्रोड्यूस एजेंसी के गवर्निंग बॉडी के सदस्य हैं।
- 05यह प्रयास मिट्टी की सेहत और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में सहायक है।
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धर्मशाला में, कांगड़ा जिले के पटौला गांव के किसान बलवीर सैणी ने पारंपरिक खेती की किस्मों को संरक्षित करने के लिए 70 दुर्लभ देसी किस्मों का बीज बैंक बनाया है। उनका यह प्रयास प्राकृतिक खेती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बलवीर ने अब तक 1,000 से अधिक किसानों को ये बीज वितरित किए हैं, जिसमें टमाटर, बैंगन, भिंडी, मटर, और मूली जैसी सब्जियों की विभिन्न किस्में शामिल हैं। विशेष रूप से, उनके पास बैंगन की चार अलग-अलग किस्में हैं, जिन्हें तैयार करने में 120 दिन का समय लगता है। बलवीर सैणी हिमाचल प्रदेश की स्टेट सीड एंड ऑर्गेनिक प्रोड्यूस एजेंसी के गवर्निंग बॉडी के सदस्य हैं, और वे सरकारी नीतियों के माध्यम से ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय हैं। उनका यह प्रयास कृषि क्षेत्र में एक उदाहरण प्रस्तुत करता है और मिट्टी की सेहत के लिए आवश्यक है।
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बलवीर सैणी के प्रयास से स्थानीय किसानों को पारंपरिक खेती को अपनाने में मदद मिल रही है, जिससे उनकी फसलें स्वस्थ और प्राकृतिक बन रही हैं।
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