ऑटो सेक्टर में इन्वेंट्री में कमी, वेटिंग पीरियड बढ़ा
ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव: 50 दिन से घटकर 28 दिन पर आई इन्वेंट्री, गाड़ियों के लिए बढ़ा वेटिंग पीरियड
Business Standard
Image: Business Standard
वित्त वर्ष 2026 में भारतीय यात्री वाहन बाजार में इन्वेंट्री 50 दिन से घटकर 28 दिन रह गई है, जिससे वेटिंग पीरियड बढ़ गया है। वाहन डीलरों की खुदरा बिक्री 13% बढ़कर 47 लाख वाहन तक पहुंच गई है, जबकि थोक बिक्री में 7.9% की वृद्धि हुई है।
- 01यात्री वाहनों की इन्वेंट्री 50 दिन से घटकर 28 दिन पर आई है।
- 02खुदरा बिक्री में 13% की वृद्धि हुई है, जो 47 लाख वाहनों तक पहुंच गई है।
- 03थोक बिक्री में 7.9% की वृद्धि हुई है, जो 46.4 लाख वाहनों तक पहुंची है।
- 04मारुति सुजूकी ने उत्पादन संबंधी बाधाओं का संकेत दिया है।
- 05दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 13.4% बढ़कर 2.14 करोड़ वाहन रही है।
Advertisement
In-Article Ad
वित्त वर्ष 2026 में भारतीय यात्री वाहन बाजार में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया है। एक साल पहले की तुलना में, अनबिके वाहनों की समस्या अब आपूर्ति संबंधी बाधाओं में बदल गई है। वाहन डीलरों के संगठन फाडा के अनुसार, यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री 47 लाख वाहनों तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13% अधिक है। वहीं, थोक बिक्री 46.4 लाख वाहनों तक बढ़ी है, जो 7.9% की वृद्धि दर्शाती है। इस असंतुलन के कारण डीलरों की इन्वेंट्री अब 28 दिन की बिक्री के बराबर हो गई है, जो एक साल पहले 50 दिन से अधिक थी। हालांकि, मारुति सुजूकी जैसी प्रमुख कंपनियों ने उत्पादन में बाधाओं का संकेत दिया है, जिससे वेटिंग पीरियड बढ़ सकता है। दोपहिया वाहनों में भी मांग में सुधार हुआ है, जहां खुदरा बिक्री 2.14 करोड़ वाहनों तक पहुंच गई है। कुल मिलाकर, वित्त वर्ष 2026 में ऑटो सेक्टर में उच्च वृद्धि का वर्ष रहा है, लेकिन उत्पादन और आपूर्ति में संतुलन बनाए रखना आवश्यक होगा।
Advertisement
In-Article Ad
गाड़ियों की बढ़ती मांग और घटती इन्वेंट्री का मतलब है कि ग्राहकों को गाड़ियों के लिए अधिक समय इंतजार करना पड़ सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि ऑटो सेक्टर में उत्पादन बढ़ाने की जरूरत है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



