दिल्ली में होटल अग्निकांड: एक परिवार की दुखद कहानी
एक साथ जलीं मां, बेटे, बहू और दो बेटियों की चिताएं, चीखों से गूंजता श्मशान

Image: Aaj Tak
दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में लगी आग ने गुरुग्राम के विवेक अग्रवाल के परिवार को बर्बाद कर दिया। इस हादसे में विवेक, उनकी पत्नी, दो बेटियां और मां सहित कुल आठ लोगों की जान चली गई। परिवार अपने बीमार पिता से मिलने के लिए इकट्ठा हुआ था।
- 01होटल अग्निकांड में कुल आठ लोगों की मौत हुई, जिसमें विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी, दो बेटियां और मां शामिल हैं।
- 02विवेक के पिता गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, जिसके चलते परिवार ने उन्हें देखने के लिए इकट्ठा होने का निर्णय लिया।
- 03आग लगने के समय परिवार होटल में ठहरा हुआ था ताकि वे तुरंत अस्पताल पहुंच सकें।
- 04अग्निकांड के बाद श्मशान घाट पर एक साथ पांच अर्थियों का दृश्य सभी के लिए भावुक करने वाला था।
- 05इस हादसे ने न केवल परिवार को प्रभावित किया बल्कि पूरे समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया।
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दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग ने गुरुग्राम के विवेक अग्रवाल के परिवार को बर्बाद कर दिया। विवेक, उनकी पत्नी तर्जनी, दो बेटियां जीविशा और वर्या, और मां प्रेमलता सहित कुल आठ लोगों की इस हादसे में जान चली गई। परिवार ने अपने बीमार पिता से मिलने के लिए एकत्र होने का निर्णय लिया था, लेकिन होटल में ठहरने के दौरान अचानक आग लग गई। आग की लपटों और धुएं ने परिवार के सदस्यों को बाहर निकलने का मौका नहीं दिया। इस त्रासदी के बाद श्मशान घाट पर एक साथ पांच अर्थियों का दृश्य सभी के लिए अत्यंत भावुक था। इस घटना ने न केवल एक परिवार को खत्म किया बल्कि पूरे समुदाय को भी गहरे सदमे में डाल दिया। विवेक के पिता अब अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं।
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इस अग्निकांड ने पूरे गुरुग्राम समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है।
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