लखनऊ के कसमंडी कला में मंदिर-मकबरा विवाद के बीच बढ़ा तनाव
लखनऊ के कसमंडी कला में मंदिर-मकबरा विवाद गहराया, नमाज के बाद बढ़ा तनाव

Image: Jagran
लखनऊ के कसमंडी कला गांव में एक विवादित स्थल को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया है। नमाज के दौरान करीब 200 लोग एकत्र हुए, जबकि पासी समाज के लोग विरोध में नारेबाजी कर रहे थे। प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है और विवादित स्थल पर धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की गई है।
- 01कसमंडी कला गांव में विवादित स्थल को लेकर दोनों समुदायों के बीच दावे हैं कि यह मंदिर है या मकबरा।
- 02नमाज के दौरान 200 लोग एकत्र हुए, जबकि सामान्य दिनों में 10-15 लोग ही आते थे।
- 03पासी समाज का दावा है कि यह स्थल महाराज कंसा पासी का किला था, जहां पहले शिव मंदिर था।
- 04मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह सैकड़ों साल पुराना मकबरा है और उनके पूर्वजों द्वारा नमाज पढ़ी जाती रही है।
- 05पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में बल तैनात किया है और कुछ लोगों को नजरबंद किया गया है।
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लखनऊ के मलिहाबाद के कसमंडी कला गांव में एक विवादित स्थल को लेकर दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया है। यह विवाद स्थल मंदिर है या मकबरा, इस पर दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। शुक्रवार को नमाज के दौरान 200 लोग एकत्र हुए, जबकि सामान्य दिनों में औसतन 10-15 लोग ही यहां नमाज पढ़ने आते थे। पासी समाज के लोग इस नमाज का विरोध कर रहे थे और नारेबाजी कर रहे थे। प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है और डीएम विशाख जी ने अधिकारियों को चौबीस घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। पासी समाज का कहना है कि यह स्थल महाराज कंसा पासी का किला है, जहां पहले शिव मंदिर था, जबकि मुस्लिम पक्ष का दावा है कि यह सैकड़ों साल पुराना मकबरा है। विवाद की जड़ें पूर्व डिप्टी सीएम डा. दिनेश शर्मा के बयान से जुड़ी हैं, जिसके बाद पासी समाज इस स्थान को लेकर सक्रिय हुआ। एसडीएम अंकित मौर्य ने कहा कि विवादित स्थल पर कोई भी अंतिम निर्णय जांच और रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।
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इस विवाद का असर स्थानीय समुदायों के बीच तनाव और कानून-व्यवस्था पर पड़ सकता है।
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