दिल्ली के पॉश इलाकों में घरेलू सहायकों के अपराधों की बढ़ती घटनाएं
अमर कॉलोनी से ग्रेटर कैलाश तक, क्यों दिल्ली के पॉश इलाके घरेलू सहायकों के सॉफ्ट टारगेट बन रहे हैं
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दिल्ली के अमर कॉलोनी में एक IRS अधिकारी की बेटी की हत्या ने घरेलू सहायकों द्वारा अपराधों की बढ़ती घटनाओं को उजागर किया है। हाल के वर्षों में, दिल्ली के पॉश इलाकों में घरेलू सहायकों द्वारा 750 से अधिक अपराध दर्ज किए गए हैं, जो सुरक्षा के लिए गंभीर चिंताओं को जन्म देते हैं।
- 01दिल्ली में घरेलू सहायकों द्वारा 750 से अधिक अपराध दर्ज हुए हैं।
- 02अमर कॉलोनी में IRS अधिकारी की बेटी की हत्या ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाया है।
- 03कम पैसों के कारण लोग बिना पुलिस वेरिफिकेशन के घरेलू सहायकों को रखते हैं।
- 04पॉश इलाकों में पड़ोसी धर्म की कमी से अपराधियों को बढ़ावा मिलता है।
- 05अपराधियों को घर के रूटीन और संपत्ति की जानकारी होती है।
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दिल्ली के अमर कॉलोनी में IRS अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की हत्या ने घरेलू सहायकों द्वारा अपराधों की बढ़ती घटनाओं को उजागर किया है। आरोपी राहुल मीणा, जो पूर्व घरेलू सहायक था, ने लड़की के साथ यौन उत्पीड़न करने के बाद उसकी हत्या कर दी। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 2020 से 2025 के बीच घरेलू सहायकों द्वारा 750 से अधिक अपराध दर्ज किए गए हैं, जिसमें लगभग 650 गिरफ्तारियां हुईं। पॉश इलाकों जैसे लाजपत नगर, ग्रेटर कैलाश और अमर कॉलोनी में बुजुर्गों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों का एक पैटर्न देखा गया है। इन अपराधों के पीछे कई कारण हैं, जैसे कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन के घरेलू सहायकों को रखना और पड़ोसी धर्म की कमी। इससे अपराधियों को घर के रूटीन और संपत्ति की जानकारी मिल जाती है, जिससे वे आसानी से अपराध कर पाते हैं।
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यह घटनाएं दिल्ली के निवासियों के लिए सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाती हैं, खासकर उन परिवारों के लिए जो घरेलू सहायकों पर निर्भर हैं।
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