सीपीसीबी ने सतर्कता शिकायतों के लिए नए नियम जारी किए, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार रोकने पर जोर
सतर्कता शिकायतों के लिए CPCB ने जारी किए नए नियम, पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार रोकने पर खास जोर
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सतर्कता शिकायत निवारण तंत्र के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के अनुसार, अब गुमनाम शिकायतों पर विचार नहीं किया जाएगा और शिकायतकर्ता को अपनी पहचान बतानी होगी। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है।
- 01गुमनाम शिकायतों पर अब कोई विचार नहीं किया जाएगा।
- 02शिकायत में शिकायतकर्ता का नाम, पता और मोबाइल नंबर अनिवार्य है।
- 03सीपीसीबी केवल भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों से संबंधित शिकायतों पर विचार करेगा।
- 04पहले की तुलना में अधिक साक्ष्य और तथ्यात्मक विवरण देना आवश्यक है।
- 05व्हिसलब्लोअर शिकायतें सीधे केंद्रीय सतर्कता आयोग को भेजी जानी चाहिए।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सतर्कता शिकायत निवारण तंत्र के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जो पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार को रोकने के उद्देश्य से हैं। नए नियमों के अनुसार, गुमनाम या छद्म नाम से भेजी गई शिकायतों पर विचार नहीं किया जाएगा। शिकायतकर्ता को अपना पूरा नाम, पता और मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा। ईमेल से भेजी जाने वाली शिकायतों में भी डाक का पता होना आवश्यक है। सीपीसीबी केवल उन शिकायतों पर विचार करेगा जिनमें भ्रष्टाचार, पद का दुरुपयोग, अवैध उगाही, जालसाजी या नियमों का उल्लंघन शामिल हो। व्यक्तिगत शिकायतों या अदालत में विचाराधीन मामलों पर विचार नहीं किया जाएगा। नए दिशा-निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई शिकायतकर्ता अपनी पहचान गुप्त रखना चाहता है, तो उसे जनहित प्रकटीकरण और मुखबिरों का संरक्षण (पीआइडीपीआइ) संकल्प के तहत शिकायत दर्ज करनी होगी। पुराने नियमों की तुलना में, अब केवल तथ्यात्मक और सत्यापन योग्य विवरण के साथ शिकायतें स्वीकार की जाएंगी।
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नए नियमों से नागरिकों को अपनी शिकायतें दर्ज करने में अधिक पारदर्शिता मिलेगी, जिससे भ्रष्टाचार के मामलों में कमी आने की संभावना है।
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