UIDAI ने आधार कार्ड को जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में मान्यता समाप्त की
UIDAI का बड़ा अपडेट, अब आधार नहीं होगा डेट ऑफ बर्थ का प्रमाण, जानिए आखिर क्यों उठाया यह कदम
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UIDAI ने आधार कार्ड को अब जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में मान्यता नहीं देने का निर्णय लिया है। हालांकि, यह पहचान और पते के प्रमाण के लिए वैध रहेगा। यह कदम आधार के उपयोग और सीमाओं को स्पष्ट करने के लिए उठाया गया है।
- 01UIDAI ने आधार को जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में मान्यता समाप्त की।
- 02आधार केवल पहचान और पते के प्रमाण के लिए मान्य रहेगा।
- 03आधार में दर्ज जन्मतिथि कई बार अनुमानित होती है।
- 04एजेंसियों को जन्मतिथि के उद्देश्यों के लिए आधार का उपयोग करने का विकल्प दिया गया है।
- 05आधार के सभी फॉर्मेट्स पहचान और पते के प्रमाण के लिए वैध हैं।
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UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि आधार कार्ड को जन्मतिथि (DOB) के प्रमाण के रूप में अब मान्यता नहीं दी जाएगी। UIDAI के अनुसार, आधार का मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति की पहचान को प्रमाणित करना है, न कि उनकी जन्मतिथि की पुष्टि करना। आधार में दर्ज जन्मतिथि अक्सर व्यक्ति द्वारा नामांकन के दौरान दी गई जानकारी पर निर्भर करती है, और कई बार यह अनुमानित होती है। UIDAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड केवल इस बात की पुष्टि करता है कि प्रस्तुतकर्ता वही व्यक्ति है जिसने बायोमेट्रिक और अन्य विवरणों के साथ रजिस्ट्रेशन कराया था। हालांकि, एजेंसियों को यह तय करने की स्वतंत्रता दी गई है कि वे जन्मतिथि से जुड़े उद्देश्यों के लिए आधार का उपयोग करना चाहती हैं या नहीं। UIDAI ने कहा है कि आधार कार्ड के सभी फॉर्मेट्स पहचान और पते के प्रमाण के लिए मान्य रहेंगे।
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इस निर्णय से आधार कार्ड धारकों को सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं में जन्मतिथि के प्रमाण के लिए अन्य दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है।
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