मुंबई में जेब्रा क्रॉसिंग पर कार टक्कर मामले में 9 साल बाद आरोपी को 20,000 रुपये का जुर्माना
जेब्रा क्रॉसिंग पर मारी थी टक्कर, कोमा में है लड़की... 9 साल बाद कोर्ट ने आरोपी को 20 हजार जुर्माना लेकर छोड़ा

Image: Ndtv
मुंबई में 2017 में जेब्रा क्रॉसिंग पर कार से टकराकर गंभीर रूप से घायल हुई 17 वर्षीय छात्रा निधि जेठमलानी के मामले में, 66 वर्षीय ड्राइवर पी. नारायणसामी को 9 साल बाद दोषी ठहराया गया। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उसे केवल 20,000 रुपये का जुर्माना देकर छोड़ दिया, जिससे पीड़िता को मुआवजा मिलेगा।
- 01दोषी ड्राइवर ने अपनी उम्र और खराब वित्तीय स्थिति का हवाला देकर नरमी की अपील की थी।
- 02कोर्ट ने कहा कि यह आरोपी का पहला अपराध है और इससे पहले उसकी ड्राइविंग रिकॉर्ड साफ थी।
- 03मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने पीड़िता को 70 लाख रुपये का मुआवजा और 1.5 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड दिया था।
- 04घटना 28 मई 2017 को हुई थी जब निधि अपने दोस्तों के साथ कॉलेज जा रही थी।
- 05बॉम्बे हाई कोर्ट ने निधि की स्थिति को संवेदनशील बताते हुए रेल मंत्रालय से 5 करोड़ रुपये के अंतिम निपटान पर पुनर्विचार करने को कहा।
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मुंबई में 28 मई 2017 को जेब्रा क्रॉसिंग पर एक तेज रफ्तार कार ने 17 वर्षीय छात्रा निधि जेठमलानी को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर 'वेजिटेटिव स्टेट' में चली गई। 9 साल बाद, मजिस्ट्रेट कोर्ट ने ड्राइवर पी. नारायणसामी को लापरवाही से गाड़ी चलाने का दोषी ठहराया, लेकिन केवल 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया, जिसे पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा। कोर्ट ने आरोपी की उम्र और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए नरमी बरती। इस मामले में पहले ही मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने निधि को 70 लाख रुपये का मुआवजा और भविष्य के इलाज के लिए 1.5 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड दिया था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने निधि की स्थिति को अत्यंत संवेदनशील बताया और रेल मंत्रालय से 5 करोड़ रुपये के अंतिम निपटान पर पुनर्विचार करने को कहा।
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यह मामला सड़क सुरक्षा और न्याय प्रणाली पर सवाल उठाता है, जिससे आम लोगों की सुरक्षा पर प्रभाव पड़ता है।
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