चीन में 40 घंटे तक रुका दिल, ECMO तकनीक से बची जान
मौत को छूकर टक से वापस आया! 40 घंटे तक नहीं धड़का दिल, फिर भी बच गई जान, जानें कैसे हुआ 'कुदरत का करिश्मा'
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चीन में एक 40 वर्षीय व्यक्ति को हार्ट अटैक के बाद 40 घंटे तक दिल की धड़कन नहीं आई, लेकिन ECMO (एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन) तकनीक की मदद से उसकी जान बच गई। यह तकनीक शरीर के खून को ऑक्सीजन प्रदान करती है और उसे जीवित रखने में मदद करती है।
- 0140 घंटे तक दिल की धड़कन रुकी रही
- 02ECMO तकनीक ने जान बचाई
- 03चीन में उपचार की लागत लगभग ₹6-7 लाख है
- 04इस तकनीक ने जीवन बचाने की संभावना 1% से 50% तक बढ़ा दी
- 05मेडिकल विज्ञान ने नई उम्मीदें जगाई हैं
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चीन में एक 40 वर्षीय व्यक्ति को हार्ट अटैक के बाद 40 घंटे तक दिल की धड़कन नहीं आई। डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए ECMO (एक्स्ट्राकॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजनेशन) तकनीक का सहारा लिया, जो शरीर के गंदे खून से कार्बन डाइऑक्साइड निकालकर ताजा ऑक्सीजन प्रदान करती है। इस तकनीक ने उस व्यक्ति के अंगों को जीवित रखा जब तक उसके असली दिल ने दोबारा काम करना शुरू नहीं किया। इलाज के 20 दिनों बाद, वह अस्पताल से अपने पैरों पर बाहर निकला। हालांकि, इस तकनीक की लागत काफी अधिक है, लगभग ₹6-7 लाख, और इसके दैनिक खर्च भी लाखों में होते हैं। अस्पताल के अनुसार, इस तकनीक ने जीवन बचाने की संभावना को 1% से बढ़ाकर 50% तक पहुंचा दिया है। यह मामला मेडिकल साइंस की प्रगति को दर्शाता है, लेकिन यह करिश्मा हर किसी के नसीब में नहीं होता।
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इस मामले ने चिकित्सा विज्ञान में नई संभावनाओं को उजागर किया है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज में नई उम्मीदें जागी हैं।
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