इजरायली सैनिकों को ईसा मसीह की मूर्ति तोड़ने पर मिली सजा, नई मूर्ति लगाई गई
ईसा मसीह की मूर्ति तोड़ने वाले इजरायली सैनिक को हुई जेल, IDF ने लगवाया नया स्टैचू
Aaj Tak
Image: Aaj Tak
दक्षिणी लेबनान के देबेल गांव में ईसा मसीह की मूर्ति तोड़ने वाले इजरायली सैनिकों को 30 दिनों की जेल हुई है। इजरायली रक्षा बल (IDF) ने इस घटना की निंदा करते हुए नई मूर्ति स्थापित की है। यह कार्रवाई IDF के मूल्यों के खिलाफ मानी गई है।
- 01इजरायली सैनिकों को मूर्ति तोड़ने पर 30 दिनों की जेल हुई।
- 02IDF ने घटना की निंदा की और नई मूर्ति स्थापित की।
- 03जांच में पाया गया कि सैनिकों की हरकत IDF के आदेशों के खिलाफ थी।
- 04मौके पर मौजूद अन्य सैनिकों से भी जवाब तलब किया गया।
- 05IDF प्रमुख ने इस घटना को बर्दाश्त से बाहर बताया।
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दक्षिणी लेबनान के ईसाई बहुल गांव देबेल में ईसा मसीह की मूर्ति को तोड़ने वाले इजरायली सैनिकों पर इजरायली रक्षा बल (IDF) ने सख्त कार्रवाई की है। दोनों सैनिकों को 30 दिनों के लिए सैन्य जेल भेजा गया है। IDF ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और कहा है कि यह उनके मूल्यों के खिलाफ है। जांच में पाया गया कि मूर्ति तोड़ने वाले सैनिकों के अलावा मौके पर मौजूद छह अन्य सैनिकों ने भी इस हरकत को रोकने की कोशिश नहीं की और न ही इसकी रिपोर्ट की। इस घटना के बाद IDF ने क्षतिग्रस्त मूर्ति की जगह एक नई मूर्ति स्थापित की है, जो 21 अप्रैल 2026 को देबेल गांव में पहुंचाई गई।
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इस घटना से स्थानीय समुदाय में तनाव बढ़ सकता है, और इजरायली सेना की छवि पर भी असर पड़ेगा।
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