बिना TET के सरकारी टीचर बनने के विकल्प
बिना TET के कैसे बन सकते हैं सरकारी टीचर? जानें क्या होते हैं ऑप्शन
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भारत में सरकारी शिक्षक बनने के लिए TET (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) और CTET (सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) आवश्यक माने जाते हैं। हालांकि, कुछ पदों पर जैसे PGT (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) के लिए बिना TET के भी अवसर उपलब्ध हैं, जो उम्मीदवारों के लिए नए रास्ते खोलते हैं।
- 01PGT पदों के लिए TET जरूरी नहीं हो सकता।
- 02राज्य सरकारों के नियम अलग-अलग हो सकते हैं।
- 03केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय में भी TET की आवश्यकता नहीं होती।
- 04उम्मीदवारों को विषय ज्ञान और शिक्षण कौशल पर ध्यान देना चाहिए।
- 05बीएड डिग्री और शिक्षण अनुभव चयन की संभावना बढ़ाते हैं।
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भारत में सरकारी शिक्षक बनने के लिए TET और CTET को महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन कुछ पदों पर जैसे कि पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) के लिए बिना इन परीक्षाओं के भी अवसर मिल सकते हैं। PGT पदों के लिए आमतौर पर उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन और बीएड (B.Ed) की डिग्री होनी चाहिए। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू शामिल होते हैं। विभिन्न राज्यों में नियम भिन्न हो सकते हैं, इसलिए उम्मीदवारों को भर्ती नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ना चाहिए। केंद्रीय विद्यालय (KVS) और नवोदय विद्यालय (JNV) जैसे संस्थानों में भी TET की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, उम्मीदवारों को विषय पर अच्छी पकड़ और शिक्षण कौशल विकसित करने की आवश्यकता होती है।
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उम्मीदवारों के लिए सरकारी शिक्षक बनने के नए अवसर खुलते हैं, जो TET पास नहीं कर पाए हैं।
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