यूपी में 30 स्कूलों की जांच, महंगी किताबें बेचने पर प्रशासन का सख्त कदम
UP: सीबीएसई-सीआईएससीई के 30 स्कूलों की जांच शुरू, महंगी किताबें बेचने पर प्रशासन सख्त; डीएम ने दिए ये आदेश
Amar Ujala
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उत्तर प्रदेश में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने महंगी किताबें बेचने के आरोपों पर 30 स्कूलों की जांच का आदेश दिया है। शिकायतकर्ता मनोज शर्मा ने आरोप लगाया कि ये स्कूल एनसीईआरटी और एससीईआरटी की किताबों के बजाय निजी प्रकाशकों की किताबें जबरन बेच रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
- 01जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्कूलों की जांच का आदेश दिया है।
- 02शिकायत मनोज शर्मा द्वारा की गई थी।
- 03स्कूलों पर महंगी किताबें बेचने का आरोप है।
- 04जांच के लिए छह संयुक्त टीमें बनाई गई हैं।
- 05दोषी पाए जाने पर स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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उत्तर प्रदेश में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने प्रोग्रेसिव एसोसिएशन ऑफ ऑल पेरेंट्स (पापा) के संस्थापक मनोज शर्मा की शिकायत पर 30 स्कूलों की जांच का आदेश दिया है। मनोज शर्मा ने आरोप लगाया कि सीबीएसई और सीआईएससीई के निजी स्कूलों ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की किताबों के बजाय महंगी किताबें जबरन बेची हैं। इससे अभिभावकों को आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है। इस शिकायत के बाद, डीएम ने अपर नगर मजिस्ट्रेट, डिप्टी कलेक्टर और खंड शिक्षा अधिकारियों की छह संयुक्त टीमों का गठन किया है। ये टीमें स्कूलों का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाएंगी। यदि स्कूल दोषी पाए गए, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच में शहर और देहात क्षेत्र के सभी प्रमुख स्कूल शामिल हैं।
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इस जांच से अभिभावकों को महंगी किताबों की बिक्री के खिलाफ राहत मिल सकती है।
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