पुतिन ने भारत की स्वतंत्रता और तकनीकी क्षमताओं की सराहना की
'India को कोई डिक्टेट नहीं कर सकता', पुतिन ने फिर माना 'नए भारत' का लोहा; कहा- दबाव में नहीं आता हिंदुस्तान

Image: Zee News
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की संप्रभुता की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत किसी के दबाव में नहीं आता। उन्होंने भारत-रूस संबंधों को भाईचारे और विश्वास पर आधारित बताया, साथ ही भारतीय तकनीकी क्षमताओं की भी सराहना की।
- 01पुतिन ने कहा कि भारत को कोई डिक्टेट नहीं कर सकता और वह अपने हक में निर्णय लेने वाला देश है।
- 02उन्होंने भारत-रूस संबंधों को भाईचारे और विश्वास पर आधारित बताया।
- 03पुतिन ने भारतीयों की प्रतिभा, विशेषकर कोडिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में, की सराहना की।
- 04भारत और रूस के बीच सैन्य एवं तकनीकी सहयोग की लंबी परंपरा है।
- 05पुतिन ने कहा कि भारत अपने लिए सबसे उपयुक्त उत्पादों का चयन करने के लिए स्वतंत्र है।
Advertisement
In-Article Ad
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में भारत की स्वतंत्रता और तकनीकी क्षमताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत को कोई डिक्टेट नहीं कर सकता और वह अपने हक में निर्णय लेने वाला देश है। पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को भाईचारे और विश्वास पर आधारित बताया, यह कहते हुए कि दोनों देशों के बीच सहयोग का कोई राजनीतिक माहौल नहीं है। उन्होंने भारतीयों की प्रतिभा, विशेषकर कोडिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में, की प्रशंसा की। इसके अलावा, पुतिन ने भारतीय सशस्त्र बलों के लिए रूसी उपकरणों की महत्वपूर्ण भूमिका और दोनों देशों के बीच सैन्य एवं तकनीकी सहयोग की लंबी परंपरा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अपने लिए सबसे उपयुक्त उत्पादों का चयन करने के लिए स्वतंत्र है, और रूस हमेशा अपने साझेदारों के साथ खरा उतरता है।
Advertisement
In-Article Ad
भारत की स्वतंत्रता और संप्रभुता की पुष्टि से भारतीय बाजार में तकनीकी और सैन्य सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
आपको क्या लगता है, भारत-रूस संबंधों का भविष्य कैसा होगा?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




