नीट पेपर लीक मामले में शशिकांत सुथार की बहादुरी की कहानी
खुद डॉक्टर ना बन सका तो आज बना लाखों छात्रों की आवाज! NEET पेपर लीक उजागर करने वाले केमिस्ट्री टीचर की कहानी

Image: Ndtv
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के केमिस्ट्री शिक्षक शशिकांत सुथार ने नीट पेपर लीक मामले का खुलासा कर शिक्षा जगत में एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने छोटे शहरों के छात्रों को बड़े शहरों में पलायन से बचाने के लिए अपनी कोचिंग शुरू की और अब एक व्हिसलब्लोअर के रूप में पहचाने जाते हैं।
- 01शशिकांत सुथार ने नीट पेपर लीक की गड़बड़ी को उजागर किया और शिक्षा में पारदर्शिता की मांग की।
- 02उन्होंने 2015 में नोहर में 'सफल' नाम से कोचिंग सेंटर शुरू किया, ताकि छोटे शहरों के छात्रों को मेडिकल परीक्षा की तैयारी में मदद मिल सके।
- 03कोविड-19 के दौरान, उन्होंने यूट्यूब चैनल के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की।
- 04शशिकांत के छोटे भाई, रवि सुथार, जो राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं, ने उन्हें इस कठिन समय में प्रेरित किया।
- 05शशिकांत ने कहा कि छात्रों की मेहनत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और पेपर लीक से पूरे कोचिंग सिस्टम को गलत नजरिए से नहीं देखना चाहिए।
Advertisement
In-Article Ad
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के नोहर में रहने वाले केमिस्ट्री शिक्षक शशिकांत सुथार ने नीट पेपर लीक मामले का खुलासा कर शिक्षा जगत में एक नई मिसाल कायम की है। उनका सपना डॉक्टर बनने का था, लेकिन असफलता के बाद उन्होंने 2015 में छात्रों को मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में मदद करने के लिए 'सफल' नाम से कोचिंग सेंटर शुरू किया। उन्होंने छोटे शहरों के छात्रों को बड़े शहरों में पलायन से बचाने का प्रयास किया। कोविड-19 के दौरान, जब ऑफलाइन पढ़ाई प्रभावित हुई, तो उन्होंने यूट्यूब चैनल के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की। शशिकांत ने नीट पेपर लीक मामले में साहस दिखाते हुए गड़बड़ी को उजागर किया और इस मामले में एक व्हिसलब्लोअर के रूप में पहचाने गए। उनके छोटे भाई, रवि सुथार, जो राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं, ने उन्हें इस कठिन समय में प्रेरित किया। शशिकांत ने कहा कि छात्रों की मेहनत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और पेपर लीक से पूरे कोचिंग सिस्टम को गलत नजरिए से नहीं देखना चाहिए।
Advertisement
In-Article Ad
शशिकांत सुथार के प्रयासों से छोटे शहरों के छात्रों को मेडिकल परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी और शिक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि छोटे शहरों में शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।





