Moradabad में लकड़ी के हस्तशिल्प का कारोबार बढ़ा, पीतल से निर्यात में कमी
Moradabad: निर्यात उत्पादों में पीतल से किनारा, पांच साल में 20 गुना बढ़ीं लकड़ी के हस्तशिल्प की इकाइयां
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
Moradabad, उत्तर प्रदेश में निर्यातक पीतल और एल्युमिनियम की बढ़ती कीमतों के कारण लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पादों की ओर बढ़ रहे हैं। पिछले पांच वर्षों में लकड़ी के हस्तशिल्प इकाइयों में 20 गुना वृद्धि हुई है, जबकि पीतल के उत्पादों की मांग में कमी आई है।
- 01पीतल और एल्युमिनियम की कीमतें दोगुनी हो गई हैं।
- 02लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पादों की मांग अमेरिका और यूरोप में बढ़ी है।
- 03पिछले पांच वर्षों में लकड़ी के हस्तशिल्प इकाइयों में 20 गुना वृद्धि हुई है।
- 04शिरीष अग्रवाल और हमजा नाजिम जैसे निर्यातक लकड़ी के उत्पादों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
- 05लकड़ी के उत्पादों की लागत पीतल और एल्युमिनियम की तुलना में कम है।
Advertisement
In-Article Ad
Moradabad, उत्तर प्रदेश में निर्यातक पीतल और एल्युमिनियम की कीमतों में वृद्धि के कारण लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पादों की ओर रुख कर रहे हैं। 2020 में पीतल की कीमत 450 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 870 रुपये प्रति किलो हो गई है, जबकि एल्युमिनियम की कीमत भी दोगुनी हो गई है। निर्यातक शिरीष अग्रवाल और हमजा नाजिम ने बताया कि लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पादों की मांग अमेरिका और यूरोप में बढ़ रही है। पिछले पांच वर्षों में लकड़ी के हस्तशिल्प इकाइयों में 20 गुना वृद्धि हुई है, जिससे निर्यातकों को अच्छे ऑर्डर मिल रहे हैं। लकड़ी के उत्पादों की लागत पीतल और एल्युमिनियम की तुलना में कम है, जिससे ये निर्यातकों के लिए अधिक आकर्षक बन गए हैं।
Advertisement
In-Article Ad
लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पादों की बढ़ती मांग से स्थानीय कारीगरों और निर्यातकों को आर्थिक लाभ हो रहा है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात बढ़ना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




