मध्य प्रदेश में एचआईवी संक्रमण के मामले बढ़े, जांच में कमी
MP में HIV की डराने वाली तस्वीर! केस दोगुने, जांच कम, मां से बच्चों तक पहुंच रहा संक्रमण

Image: News 18 Hindi
मध्य प्रदेश में एचआईवी संक्रमण की दर में वृद्धि हो रही है, जबकि जांच की संख्या में कमी आई है। इंदौर में पॉजिटिव मामलों की संख्या 492 से बढ़कर 615 हो गई है। गर्भवती महिलाओं और नवजातों पर संक्रमण का खतरा बढ़ा है, जिससे स्वास्थ्य तंत्र की चिंता बढ़ गई है।
- 01इंदौर में एचआईवी जांच की संख्या 1.47 लाख से घटकर 85 हजार हो गई है।
- 02पॉजिटिव मामलों की संख्या 492 से बढ़कर 615 हो गई है, संक्रमण दर 0.33% से 0.72% तक पहुंच गई है।
- 03पिछले पांच वर्षों में एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिलाओं की संख्या 3771 से बढ़कर 7167 हो गई है।
- 04200 से अधिक नवजात बच्चों में संक्रमण मां से पहुंचने के मामले सामने आए हैं।
- 05पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार से जांच और निगरानी के लिए विशेष कदम उठाने की मांग की है।
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मध्य प्रदेश में एचआईवी संक्रमण के मामलों में चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है, जबकि जांच की संख्या में कमी आई है। इंदौर में 2022 में 1.47 लाख लोगों की जांच की गई थी, जो अब घटकर लगभग 85 हजार रह गई है। इसके बावजूद, पॉजिटिव मामलों की संख्या 492 से बढ़कर 615 हो गई है, जिससे संक्रमण दर 0.33% से बढ़कर 0.72% हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि असुरक्षित यौन संबंध और नशे के दौरान संक्रमित सुइयों का उपयोग संक्रमण फैलने के प्रमुख कारण हैं। गर्भवती महिलाओं में एचआईवी संक्रमण की संख्या पिछले पांच वर्षों में तेजी से बढ़ी है, जिससे नवजातों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार से समय पर जांच और दवा उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है।
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एचआईवी संक्रमण की बढ़ती दर से गर्भवती महिलाओं और नवजातों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।
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