बीएचयू में डॉक्टरों पर हमला: सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
बीएचयू में डॉक्टरों को पीटा: मुंह बांधकर पहुंचे युवकों ने की मारपीट, तीन घंटे बंद रही गैस्ट्रोलॉजी की ओपीडी
Amar Ujala
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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में छात्रों द्वारा डॉक्टरों के साथ मारपीट की गई, जिससे गैस्ट्रोलॉजी ओपीडी तीन घंटे तक बंद रही। घटना के बाद प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
- 01बीएचयू में छात्रों ने डॉक्टरों के साथ मारपीट की, जिससे ओपीडी बंद रही।
- 02मारपीट की घटना से 200 मरीजों को इलाज नहीं मिल सका।
- 03प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
- 04एक अन्य घटना में ओटी परिचारक ने डॉक्टर पर हमला किया।
- 05आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में दोपहर 1 बजे मुंह बांधकर आए छात्रों ने डॉक्टरों के साथ मारपीट की, जिससे गैस्ट्रोलॉजी ओपीडी तीन घंटे तक बंद रही। विभागाध्यक्ष डॉ. देवेश प्रकाश यादव ने बताया कि इस घटना के कारण 200 मरीजों को इलाज नहीं मिल सका। प्रॉक्टोरियल बोर्ड को घटना की सूचना दी गई, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। प्रो. संजय गुप्ता ने कहा कि डॉक्टरों के साथ इस तरह की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इस पर कार्रवाई की जाएगी। एक अन्य घटना में ओटी परिचारक ने एक डॉक्टर पर हमला किया, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस प्रकार की घटनाओं से डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं।
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इस घटना के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल सका, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति प्रभावित हो सकती है।
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