राबड़ी देवी के आवास को लेकर रोहिणी आचार्य और पप्पू यादव ने सम्राट चौधरी सरकार को दी चुनौती
राबड़ी देवी के बाद रोहिणी ने भी दी सम्राट चौधरी सरकार को चुनौती, कहा- बिहार में शासन का 'प्रतिशोध मॉडल'
Image: Nbt Navbharattimes
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आवास खाली कराने के नोटिस पर रोहिणी आचार्य और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सम्राट चौधरी सरकार की निंदा की है। रोहिणी ने इसे 'प्रतिशोध मॉडल' करार दिया, जबकि पप्पू ने राबड़ी देवी को अपमानित न करने की अपील की।
- 01राबड़ी देवी को 20 साल पुराना सरकारी बंगला खाली करने का तीसरा नोटिस मिला है।
- 02रोहिणी आचार्य ने सम्राट चौधरी सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया।
- 03पप्पू यादव ने राबड़ी देवी को पूरे बिहार के लिए मां के समान बताया।
- 04सरकार ने राबड़ी देवी का आवास अब मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया है।
- 05पप्पू यादव ने सत्ता के अहंकार को लेकर चेतावनी दी कि सत्ता स्थायी नहीं होती।
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बिहार की राजनीति में राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली कराने के मुद्दे पर विवाद बढ़ता जा रहा है। राबड़ी देवी को 20 साल पुराना सरकारी बंगला खाली करने का तीसरा नोटिस मिला है, जिसे अब डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया गया है। इस पर रोहिणी आचार्य ने सम्राट चौधरी सरकार पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक प्रतिशोध की राह पर चल रही है। उन्होंने इसे 'प्रतिशोध मॉडल' करार दिया और कहा कि सरकार बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी राबड़ी देवी के समर्थन में आवाज उठाई, उन्हें अपमानित न करने की अपील की और कहा कि सत्ता का अहंकार अस्थायी है। यह घटनाक्रम बिहार की राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना रहा है।
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इस राजनीतिक विवाद से बिहार में सत्ता और विपक्ष के बीच तनाव बढ़ सकता है।
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