कोलकाता में अमेरिकी विदेश मंत्री का ऐतिहासिक दौरा: 14 साल बाद पहली बार
बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अजीब इत्तेफाक: 14 साल बाद किसी अमेरिकी विदेश मंत्री का होगा कोलकाता आगमन
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बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस महीने के अंत में कोलकाता का दौरा करेंगे। यह 14 वर्षों में किसी शीर्ष अमेरिकी राजनयिक का पहला आगमन है, जो बंगाल के लिए आर्थिक और कूटनीतिक पुनर्जागरण का संकेत हो सकता है।
- 01मारको रुबियो का कोलकाता दौरा 14 साल बाद हो रहा है।
- 02अंतिम बार हिलेरी क्लिंटन ने 2012 में कोलकाता का दौरा किया था।
- 03बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में बदलाव आ रहा है।
- 04रुबियो की यात्रा में क्वाड देशों की बैठक भी शामिल है।
- 05यह दौरा बंगाल के लिए वैश्विक निवेश और विमर्श का नया अवसर हो सकता है।
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बंगाल में हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस महीने के अंत में कोलकाता का दौरा करने वाले हैं। यह 14 वर्षों में किसी शीर्ष अमेरिकी राजनयिक का पहला आगमन होगा, जो राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है। अंतिम बार नवंबर 2012 में हिलेरी क्लिंटन ने कोलकाता का दौरा किया था, जब ममता बनर्जी ने वामपंथी शासन के बाद सत्ता संभाली थी। पिछले वर्षों में, कोलकाता अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के नक्शे से लगभग गायब रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए नेतृत्व के साथ स्थिति में बदलाव आ रहा है। रुबियो की यात्रा 24 से 26 मई के बीच होगी और इसमें क्वाड देशों की बैठक भी शामिल है। यह दौरा बंगाल के लिए 'आर्थिक और कूटनीतिक पुनर्जागरण' का संकेत हो सकता है, जो इसे वैश्विक निवेश और विमर्श के केंद्र में ला सकता है।
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मारको रुबियो का दौरा बंगाल के लिए वैश्विक निवेश और कूटनीतिक सक्रियता का नया अवसर हो सकता है।
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