भारतीय शेयर बाजार में कंपनियों का केंद्रीकरण घटा, अमेरिका से भी कम हुआ
भारतीय शेयर बाजार में बड़ा बदलाव! अब कुछ कंपनियों का नहीं रहा दबदबा, अमेरिका से भी कम हुआ मार्केट का केंद्रीकरण
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भारतीय शेयर बाजार में कंपनियों का केंद्रीकरण पिछले 30 वर्षों में कम हुआ है, और अब यह अमेरिका के मुकाबले भी कम केंद्रित है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, भारत का हरफिनडहल हिर्समेन इंडेक्स (एचएचआई) 2020 के बाद गिरकर 80.9 पर आ गया है, जबकि अमेरिका का एचएचआई 164 पर पहुंच गया है।
- 01भारत का हरफिनडहल हिर्समेन इंडेक्स (एचएचआई) 167.9 से घटकर 80.9 हो गया है।
- 02अमेरिका का एचएचआई 95 से बढ़कर 164 पर पहुंच गया है।
- 03भारतीय बाजार में विविधीकरण बढ़ा है, विशेषकर वित्तीय क्षेत्र में।
- 04भारत की 10 प्रमुख कंपनियां मुख्य रूप से बैंकिंग, ऊर्जा, आईटी और एफएमसीजी क्षेत्रों से हैं।
- 05टेक स्टार्टअप और मिडकैप कंपनियों की बढ़ती संख्या ने केंद्रीकरण को कम किया है।
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भारतीय शेयर बाजार में कंपनियों का केंद्रीकरण पिछले 30 वर्षों में काफी कम हुआ है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के मार्केट पल्स पब्लिकेशन के विश्लेषण से पता चलता है कि भारत का हरफिनडहल हिर्समेन इंडेक्स (एचएचआई) 2020 के बाद 167.9 से घटकर 80.9 पर आ गया है। वहीं, अमेरिका का एचएचआई 95 से बढ़कर 164 पर पहुंच गया है। यह बदलाव दर्शाता है कि भारतीय बाजार अब अमेरिका के मुकाबले कम केंद्रित है। भारत में विविधीकरण बढ़ा है, खासकर वित्तीय क्षेत्र में, जहां बैंकिंग, ऊर्जा, आईटी और एफएमसीजी क्षेत्र की कंपनियां प्रमुखता रखती हैं। प्रोफेसर जोशी जेकब के अनुसार, बड़ी कंपनियों के लिए मुनाफा बढ़ाने की सीमाएं हैं, जिससे बाजार पूंजीकरण का केंद्रीकरण कम होता है। इसके अलावा, टेक स्टार्टअप और मिडकैप कंपनियों की बढ़ती संख्या ने भी इस प्रवृत्ति को प्रभावित किया है।
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यह बदलाव भारतीय निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दर्शाता है कि बाजार में विविधता बढ़ रही है और बड़ी कंपनियों का दबदबा कम हो रहा है।
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