उत्तर प्रदेश में शिक्षकों को गोवंश के लिए भूसा इकट्ठा करने का आदेश, नाराजगी बढ़ी
क्या अब गोबर भी उठवाएंगे? भूसा मांगने के आदेश पर भड़के टीचर्स

Image: Aaj Tak
उत्तर प्रदेश के बरेली में बेसिक शिक्षा विभाग ने सरकारी शिक्षकों को गोवंश के लिए घर-घर जाकर भूसा इकट्ठा करने का आदेश दिया है, जिससे शिक्षकों में आक्रोश फैल गया है। यह आदेश अनिवार्य है और पालन न करने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
- 01बरेली के सभी प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को 100 कुंतल भूसा इकट्ठा करने का आदेश दिया गया है।
- 02आदेश का पालन न करने पर शिक्षकों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- 03शिक्षक संगठनों ने इस आदेश को शिक्षा व्यवस्था का मखौल उड़ाने वाला बताया है।
- 04जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि वह इस आदेश की जानकारी नहीं रखते हैं।
- 05शिक्षकों ने इस आदेश को उनके पेशे का अपमान करार दिया है।
Advertisement
In-Article Ad
उत्तर प्रदेश के बरेली में बेसिक शिक्षा विभाग ने सरकारी शिक्षकों को एक विवादास्पद आदेश जारी किया है, जिसमें उन्हें बेसहारा गोवंश के लिए घर-घर जाकर भूसा इकट्ठा करने का निर्देश दिया गया है। इस आदेश के तहत प्रत्येक प्राइमरी स्कूल को अनिवार्य रूप से 46 किलो भूसा एकत्रित करना होगा। शिक्षकों का कहना है कि यह आदेश न केवल अव्यवहारिक है बल्कि उनके पेशे का अपमान भी है। शिक्षकों ने इस आदेश का विरोध करते हुए कहा कि यदि यह प्रक्रिया जारी रही, तो भविष्य में उन्हें गोबर उठाने जैसे कार्य भी सौंपे जा सकते हैं। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने इस आदेश पर अपनी अनभिज्ञता जताई है, जबकि शिक्षक संघ के नेताओं ने इसे शिक्षा विभाग की लचर कार्यप्रणाली का परिणाम बताया है। शिक्षकों का मानना है कि उनका मुख्य कार्य बच्चों को शिक्षा देना है, न कि ऐसे गैर-शैक्षणिक कार्य करना।
Advertisement
In-Article Ad
इस आदेश से शिक्षकों का कार्यभार बढ़ जाएगा और उन्हें अपने मुख्य कार्य से भटकना पड़ेगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि शिक्षकों को भूसा इकट्ठा करने का आदेश देना उचित है?
Connecting to poll...
More about बेसिक शिक्षा विभाग
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।






