ग्लोबल इक्विटी फंड्स से निकासी, निवेशकों का रुझान US टेक और AI की ओर
ग्लोबल इक्विटी फंड्स से 8 हफ्तों में पहली बार निकासी, निवेशकों का झुकाव अब US टेक और AI थीम की ओर

Image: Business Standard
ग्लोबल इक्विटी फंडों से आठ हफ्तों में पहली बार 7 अरब डॉलर की निकासी हुई है, जिससे निवेशकों का ध्यान अब अमेरिका के तकनीकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्रों की ओर बढ़ा है। उभरते बाजारों में निवेश में कमी आई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में निवेश बढ़ा है।
- 01ग्लोबल इक्विटी फंडों से 8 हफ्तों में पहली बार 7 अरब डॉलर की निकासी हुई है।
- 02उभरते बाजारों से लगातार सात हफ्तों तक निवेश निकासी हुई है, मुख्यतः चीन और भारत से।
- 03अमेरिका केंद्रित और ग्लोबल मैंडेट फंडों में निवेश बढ़ा है, विशेषकर टेक्नॉलजी और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में।
- 04भारत में पिछले हफ्ते विदेशी निवेशकों ने 46.3 करोड़ डॉलर निकाले।
- 05कमोडिटी फंडों से भी 1.1 अरब डॉलर की निकासी हुई है, जिससे निवेशकों की प्राथमिकताएं बदल रही हैं।
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इलारा कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल इक्विटी फंडों से आठ हफ्तों में पहली बार निकासी हुई है, जिसमें पिछले हफ्ते लगभग 7 अरब डॉलर निकाले गए। यह उभरते बाजारों में निवेशकों की दिलचस्पी में कमी को दर्शाता है, खासकर चीन और भारत में। पिछले हफ्ते, भारत में विदेशी निवेशकों ने 46.3 करोड़ डॉलर की निकासी की, जिससे मई में कुल निकासी 34,000 करोड़ रुपये रही। इस बीच, अमेरिका केंद्रित फंडों में निवेश बढ़ा है, विशेषकर टेक्नॉलजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े क्षेत्रों में। कमोडिटी फंडों से भी 1.1 अरब डॉलर की निकासी हुई है, जो दर्शाता है कि निवेशकों की प्राथमिकताएं बदल रही हैं।
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भारत में विदेशी निवेश की कमी से बाजार में अस्थिरता का खतरा बढ़ सकता है।
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