परिषदीय विद्यालयों में किताबों की कमी से बच्चों की पढ़ाई पर असर
Maharajganj News: एक माह बाद भी परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को नहीं मिलीं पूरी किताबें
Amar Ujala
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महाराजगंज, उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के छात्रों को एक महीने बाद भी सभी विषयों की किताबें नहीं मिली हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और अभिभावकों में आक्रोश है। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि किताबें जल्द ही उपलब्ध कराई जाएंगी।
- 01कक्षा एक से आठ तक के छात्रों को किताबें नहीं मिलीं।
- 02अभिभावकों में शिक्षा को लेकर आक्रोश है।
- 03किताबों की आपूर्ति धीमी गति से हो रही है।
- 04कुछ स्कूलों में केवल कुछ विषयों की किताबें पहुंची हैं।
- 05शिक्षा अधिकारी ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
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महाराजगंज जिले, उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के छात्रों को एक महीने बाद भी सभी विषयों की किताबें नहीं मिल पाई हैं। इस स्थिति ने बच्चों की पढ़ाई को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिससे अभिभावकों में आक्रोश उत्पन्न हो गया है। मिठौरा क्षेत्र के स्कूलों में छात्रों को मुफ्त किताबें दी जाती हैं, लेकिन इस बार किताबों की आपूर्ति धीमी रही है। शिक्षकों का कहना है कि कई स्कूलों में केवल कुछ कक्षाओं की किताबें पहुंची हैं, जबकि कई विषयों की पुस्तकें अब तक नहीं मिली हैं। इस कारण बच्चों को पुरानी किताबों से पढ़ाई करनी पड़ रही है या फिर एक ही किताब से कई छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। अभिभावकों ने इस समस्या को लेकर चिंता जताई है। खंड शिक्षाधिकारी आनंद कुमार मिश्र ने बताया कि सभी विषयों की किताबें अभी जिले से नहीं मिली हैं और जो किताबें मिली हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से विद्यालयों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी स्कूलों में सभी विषयों की पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी।
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किताबों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है, जिससे उनके शैक्षणिक प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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