CBSE रिचेकिंग फीस विवाद: शिक्षा मंत्री ने की इमरजेंसी बैठक, छात्रों को मिलेगा स्वचालित रिफंड
CBSE रीचेकिंग फीस पर बवाल: दो बार कटे पैसे तो शिक्षा मंत्री ने बुलाई इमरजेंसी बैठक, अब मिलेगा ऑटोमैटिक Refund
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के रिचेकिंग फीस में छात्रों द्वारा अधिक शुल्क कटने की शिकायतों के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बैंकों के साथ बैठक की। अब, गलत तरीके से कटे शुल्क का स्वचालित रिफंड दिया जाएगा।
- 01CBSE ने छात्रों की रिचेकिंग फीस में दो बार पैसे कटने की शिकायतों पर कार्रवाई की।
- 02शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने चार प्रमुख बैंकों के साथ बैठक की।
- 03स्वचालित रिफंड की प्रक्रिया को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए गए।
- 04बैंकों को तकनीकी समस्याओं से छात्रों को बचाने के लिए उपाय करने को कहा गया।
- 05सोशल मीडिया पर छात्रों ने अधिक शुल्क कटने की कई शिकायतें की।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में रिचेकिंग फीस को लेकर छात्रों की शिकायतों के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को चार प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ एक इमरजेंसी बैठक बुलाई। छात्रों ने आरोप लगाया कि उनके रिचेकिंग शुल्क में से अधिक पैसे कट गए या दो बार पैसे काटे गए। इस पर CBSE ने निर्देश दिया कि यदि किसी छात्र का रिचेकिंग या फ़ोटोकॉपी शुल्क गलत तरीके से कटता है, तो उसे स्वचालित रिफंड दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि छात्रों को तकनीकी समस्याओं का सामना न करना पड़े। छात्रों की शिकायतों में 12वीं की छात्रा आरुषि भल्ला का उदाहरण शामिल है, जिसने गणित और फिजिक्स के लिए ₹16,000 का भुगतान किया। इस विवाद के चलते CBSE ने स्कैन कॉपी के आवेदन की अंतिम तारीख भी बढ़ा दी है।
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छात्रों को अब गलत तरीके से कटे शुल्क का स्वचालित रिफंड मिलेगा, जिससे उनकी वित्तीय परेशानियाँ कम होंगी।
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