एफएमसीजी शेयरों में गिरावट: निवेशकों का आकर्षण कम, पीई अनुपात छह साल के निचले स्तर पर
FMCG शेयरों से निवेशकों का मोहभंग, PE अनुपात 6 साल के निचले स्तर पर; जानें क्या है वजह
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रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों का आकर्षण घट रहा है, जिससे एफएमसीजी सूचकांक का प्राइस-टु-अर्निंग्स (पीई) अनुपात छह साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। यह स्थिति उपभोक्ता मांग में कमी और प्रतिस्पर्धा के कारण उत्पन्न हुई है।
- 01एफएमसीजी कंपनियों का पीई अनुपात छह साल के निचले स्तर 38.8 गुना पर पहुंच गया है।
- 02इन कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले साल से 7.5% कम हुआ है।
- 03उपभोक्ता मांग में कमी और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण निवेशकों का विश्वास घटा है।
- 04निवेशक अब नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे नए क्षेत्रों में रुचि दिखा रहे हैं।
- 05एफएमसीजी क्षेत्र का पीई अनुपात अब अन्य क्षेत्रों की तुलना में कम हो गया है।
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एफएमसीजी (रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान) कंपनियों का आकर्षण शेयर बाजार में घटता जा रहा है, जिससे एनएसई एफएमसीजी सूचकांक का प्राइस-टु-अर्निंग्स (पीई) अनुपात 38.8 गुना पर आ गया है। यह पिछले साल के अंत में 43.9 गुना से कम है और मार्च 2020 के बाद से सबसे निचला स्तर है। इन कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले साल से 7.5% कम होकर 18.95 लाख करोड़ रुपये हो गया है। उपभोक्ता मांग में कमी और प्रतिस्पर्धा के कारण निवेशकों का विश्वास घटा है। विशेषज्ञों का कहना है कि एफएमसीजी कंपनियों को अब 'स्लो मूविंग कंज्यूमर ग्रोथ' (एसएमसीजी) के रूप में देखा जा रहा है। इसके विपरीत, निवेशक अब नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे नए क्षेत्रों में रुचि दिखा रहे हैं। इस कारण एफएमसीजी क्षेत्र का पीई अनुपात अब अन्य क्षेत्रों की तुलना में कम हो गया है, जबकि यह अभी भी कुछ क्षेत्रों की तुलना में ऊंचा है।
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यह स्थिति उपभोक्ता सामान की कीमतों और उपलब्धता को प्रभावित कर सकती है, जिससे आम उपभोक्ताओं को असर हो सकता है।
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