भागलपुर में छह कोल ब्लॉकों की ई-नीलामी से बढ़ेगा रोजगार और निवेश
भागलपुर में 6 कोल ब्लॉक होंगे नीलाम; जमीन से 90 मीटर नीचे महाभंडार; खुलेगा रोजगार और निवेश का रास्ता

Image: Jagran
भागलपुर जिले में छह कोल ब्लॉकों की ई-नीलामी की तैयारी चल रही है, जिसमें कुल 9217.27 मिलियन टन कोयला भंडार है। इस प्रक्रिया से रोजगार के नए अवसर और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
- 01भागलपुर के पीरपैंती और कहलगांव में छह कोल ब्लॉकों की ई-नीलामी की जाएगी, जिसमें 9217.27 मिलियन टन कोयला भंडार है।
- 02कोल माइंस (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 के तहत नीलामी की जा रही है, जिसमें स्थानीय और अन्य राज्यों की खनन कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा।
- 03कोयला भंडार जमीन से केवल 90 मीटर की गहराई पर है, जिससे खनन कार्य आसान होगा।
- 04इस परियोजना से भागलपुर में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- 05भागलपुर में पहले से ही एनटीपीसी जैसे बड़े बिजली उत्पादन केंद्र हैं, जो इस क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों को और बढ़ाएंगे।
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भागलपुर जिले के पीरपैंती और कहलगांव में छह कोल ब्लॉकों की ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इन छह कोल ब्लॉकों में कुल 9217.27 मिलियन टन कोयला भंडार है, जो कि ताप विद्युत संयंत्रों के लिए उपयुक्त है। इन ब्लॉकों की नीलामी कोल माइंस (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 के तहत की जा रही है। पिछले प्रयास में कोई रुचि नहीं दिखाने के बाद, इस बार सरकार ने इसे प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए स्थानीय और अन्य राज्यों की खनन कंपनियों को आमंत्रित करने का निर्णय लिया है। कोयला भंडार की गहराई केवल 90 मीटर है, जिससे खनन कार्य आसान होगा। इस परियोजना से भागलपुर में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और हजारों नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
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इस नीलामी से भागलपुर में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
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