भारत में बीमा क्षेत्र में 100% विदेशी निवेश की अनुमति, विदेशी कंपनियों के लिए नए अवसर
बीमा सेक्टर में बड़ा धमाका! अब 100% FDI को मंजूरी, विदेशी कंपनियों की एंट्री आसान
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भारत की केंद्र सरकार ने बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति दी है, जिससे विदेशी कंपनियों को भारतीय बीमा कंपनियों में पूरी हिस्सेदारी रखने का अवसर मिलेगा। यह निर्णय भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) की शर्तों के अधीन है।
- 01केंद्र सरकार ने बीमा क्षेत्र में 100% FDI की अनुमति दी है।
- 02विदेशी कंपनियों को अब भारतीय बीमा कंपनियों में पूरी हिस्सेदारी रखने की इजाजत होगी।
- 03LIC में विदेशी निवेश की सीमा 20% रखी गई है।
- 04निवेश के लिए IRDAI की मंजूरी आवश्यक होगी।
- 05भारतीय नागरिक का शीर्ष पद पर होना अनिवार्य है।
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केंद्र सरकार ने बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति देकर एक महत्वपूर्ण सुधार किया है। इस निर्णय से विदेशी कंपनियों को भारत की बीमा कंपनियों में पूरी हिस्सेदारी रखने का अवसर मिलेगा। यह निवेश अब ऑटोमैटिक रूट के तहत होगा, जिससे कंपनियों को पूर्व में सरकारी मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, इस निवेश के लिए भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) की मंजूरी आवश्यक होगी। पहले बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा 74 प्रतिशत थी, जिसे अब बढ़ाकर 100 प्रतिशत किया गया है। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC में विदेशी निवेश की सीमा 20 प्रतिशत रखी गई है। इस बदलाव का उद्देश्य बीमा कंपनियों को विस्तार के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध कराना और नई तकनीकों को अपनाने में सहायता प्रदान करना है। साथ ही, जिन कंपनियों में विदेशी निवेश होगा, उनमें कम से कम एक शीर्ष पद पर भारतीय नागरिक का होना अनिवार्य है, जिससे भारतीय नेतृत्व की भूमिका सुनिश्चित हो सके।
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इस निर्णय से बीमा कंपनियों को अधिक पूंजी और संसाधन प्राप्त होंगे, जिससे वे अपने उत्पादों और सेवाओं का विस्तार कर सकेंगी।
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