दिल्ली पुलिस ने 100 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश किया
30 लाख की नौकरी छोड़ इंजीनियरिंग ने कैसे खड़ा किया 100 करोड़ का ठगी साम्राज्य?
Aaj Tak
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दिल्ली पुलिस ने एक संगठित साइबर सिंडिकेट का खुलासा किया है, जिसने निवेश के नाम पर लगभग 99.77 करोड़ रुपये की ठगी की। इस गिरोह का सरगना रवि राठौर, एक कंप्यूटर साइंस इंजीनियर, है जिसने एक मल्टीनेशनल कंपनी में 30 लाख रुपये का पैकेज छोड़ा। पुलिस ने बेंगलुरु और मध्य प्रदेश में आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- 01साइबर ठगी में लगभग 99.77 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई।
- 02गिरोह का सरगना रवि राठौर एक कंप्यूटर साइंस इंजीनियर है।
- 03पुलिस ने बेंगलुरु और मध्य प्रदेश से आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- 04ठगों ने पीड़ितों को नकली मोबाइल ऐप और वेबसाइट के जरिए लुभाया।
- 05राठौर ने ठगी से कमाई का इस्तेमाल प्रॉपर्टी और महंगी गाड़ियों में किया।
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दिल्ली पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी के मामले का खुलासा किया है जिसमें आरोपियों ने निवेश के नाम पर देशभर के लोगों से लगभग 99.77 करोड़ रुपये ठगे। गिरोह का सरगना रवि राठौर, जो एक कंप्यूटर साइंस इंजीनियर है, पहले एक मल्टीनेशनल कंपनी में 30 लाख रुपये के पैकेज पर काम कर रहा था। पुलिस ने बेंगलुरु और मध्य प्रदेश में एक ऑपरेशन के तहत राठौर को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि ठगों ने पीड़ितों को एक नकली मोबाइल ऐप और वेबसाइट के जरिए लुभाया, जिसमें उन्होंने भारी मुनाफे का वादा किया। जब पीड़ित पैसे निकालने की कोशिश करते थे, तो उन्हें विभिन्न बहानों से पैसे जमा करने के लिए कहा जाता था। पुलिस ने इस मामले में तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल निगरानी के माध्यम से आरोपियों का पता लगाया और कई उपकरण बरामद किए। राठौर ने ठगी से कमाई का इस्तेमाल प्रॉपर्टी खरीदने और महंगी गाड़ियों में किया। यह गिरोह कई राज्यों में ऐसे ही ठगी के मामलों में संलिप्त हो सकता है।
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इस ठगी से प्रभावित लोग अपने निवेश की राशि खो चुके हैं और साइबर धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
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