राजस्थान रॉयल्स पर बाल श्रम का आरोप, जानें वैभव सूर्यवंशी का मामला
IPL में बाल मजदूरी? वैभव सूर्यवंशी को लेकर राजस्थान रॉयल्स पर बरसे एक्टिविस्ट, जानें क्या कहता है कानून
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राजस्थान रॉयल्स ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल 2026 के लिए 1.10 करोड़ रुपए में खरीदा है, जिससे बाल श्रम का विवाद खड़ा हो गया है। एक्टिविस्ट का कहना है कि इस उम्र में वैभव को स्कूल में होना चाहिए। भारत का चाइल्ड लेबर कानून इस मामले में क्या कहता है, जानें।
- 0115 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को राजस्थान रॉयल्स ने 1.10 करोड़ रुपए में खरीदा है।
- 02बाल श्रम के आरोप में एक्टिविस्ट ने टीम पर FIR दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
- 03भारत का चाइल्ड लेबर कानून 14 साल से कम उम्र के बच्चों को 'चाइल्ड' मानता है।
- 04खेल और मनोरंजन के क्षेत्र में कुछ छूटें हैं, लेकिन नियमों का पालन अनिवार्य है।
- 05कानून का उल्लंघन करने पर 3 महीने से 1 साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है।
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राजस्थान रॉयल्स ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल 2026 के लिए 1.10 करोड़ रुपए में खरीदा है, जिससे बाल श्रम का विवाद उत्पन्न हो गया है। सोशल एक्टिविस्ट सीएम शिवकुमार नायक ने आरोप लगाया है कि इस उम्र में वैभव को स्कूल में होना चाहिए, न कि प्रोफेशनल क्रिकेट में। भारत का चाइल्ड लेबर (Prohibition and Regulation) Act, 1986 के अनुसार, 14 साल से कम उम्र के बच्चों को 'चाइल्ड' माना जाता है और उन्हें खतरनाक कामों में काम कराने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। हालांकि, खेल और मनोरंजन के क्षेत्र में कुछ नियमों के तहत छूट दी गई है। यदि कोई बच्चा नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे 3 महीने से 1 साल तक की जेल या 10,000 से 20,000 रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। इस मामले में राजस्थान रॉयल्स पर FIR दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है।
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इस विवाद से राजस्थान रॉयल्स की छवि पर असर पड़ सकता है और बच्चों के खेल में भागीदारी के नियमों पर चर्चा को बढ़ावा मिल सकता है।
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