लखनऊ में हाईकोर्ट के पास अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई में वकीलों का हंगामा
लखनऊ में पुराने हाईकोर्ट के पास अवैध कब्जा हटाने पर बवाल, पुलिस ने हंगामा कर रहे वकीलों पर किया लाठीचार्ज

Image: Jagran
लखनऊ, उत्तर प्रदेश में कैसरबाग स्थित पुराने हाईकोर्ट के पास अवैध कब्जों को हटाने के लिए नगर निगम द्वारा कार्रवाई की गई, जिसके विरोध में वकीलों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। हाईकोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की जा रही है, जिसमें लगभग 200 अवैध कब्जे शामिल हैं।
- 01नगर निगम ने 72 अवैध कब्जेदारों की सूची दी थी, लेकिन सर्वे में यह संख्या बढ़कर लगभग 200 हो गई।
- 02अवैध कब्जों में वकीलों के चैंबर भी शामिल हैं, जो कि नगर निगम द्वारा हटाए जा रहे हैं।
- 03हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
- 04अगली सुनवाई में कोर्ट ने 25 मई तक कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्ट भी तलब की है।
- 05वकीलों ने अवैध कब्जों के खिलाफ न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसमें अराजकता का जिक्र किया गया था।
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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में रविवार को नगर निगम ने कैसरबाग स्थित पुराने हाईकोर्ट के चारों ओर अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस कार्रवाई का विरोध करते हुए वकीलों ने प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। हाईकोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की जा रही है, जिसमें अधिकांश अवैध कब्जे वकीलों के चैंबर के हैं। नगर निगम ने पहले 72 अवैध कब्जेदारों की सूची प्रस्तुत की थी, लेकिन बाद में सर्वे में यह संख्या बढ़कर लगभग 200 पाई गई। इन कब्जों में सुरेंद्र नाथ रोड, स्वास्थ भवन से बीएसएनएल भवन की दीवार, कलेक्ट्रेट चौराहा और चकबस्त रोड तक के क्षेत्र शामिल हैं। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की पीठ ने इस मामले में सुनवाई के दौरान जिला प्रशासन को पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई में कोर्ट ने 25 मई तक कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्ट भी मांगी है।
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यह कार्रवाई अवैध कब्जों को हटाकर न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करती है, जिससे कानूनी व्यवस्था में सुधार होगा।
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