ईरानी तेल पर अमेरिकी छूट खत्म, भारत-चीन पर पड़ेगा बड़ा असर
रूस के बाद ईरानी तेल पर ट्रंप की छूट हो रही खत्म! भारत-चीन पर कितना होगा असर
Aaj Tak
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अमेरिका द्वारा ईरानी तेल पर दी गई छूट इस सप्ताह समाप्त हो रही है, जिससे भारत और चीन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। भारत ने 2019 के बाद ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया था, लेकिन हाल में छूट के दौरान फिर से खरीद शुरू की थी। अब इन देशों को वैकल्पिक तेल स्रोतों की तलाश करनी होगी।
- 01अमेरिका ने ईरानी तेल पर दी गई 30 दिनों की छूट खत्म करने का निर्णय लिया।
- 02भारत और चीन पर ईरानी तेल की सप्लाई रुकने से गंभीर आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है।
- 03भारत ने 2019 के बाद ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया था, लेकिन हाल में छूट के दौरान फिर से खरीद शुरू की।
- 04अमेरिका ने 'सेकेंडरी सैंक्शंस' के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
- 05ईरानी तेल की सप्लाई बाधित होने पर वैश्विक बाजार में रोजाना 20 लाख बैरल तेल की कमी हो सकती है।
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अमेरिका ने ईरानी तेल पर दी गई 30 दिनों की छूट को खत्म करने का निर्णय लिया है, जो इस सप्ताह के अंत में प्रभावी होगी। यह छूट ईरान के उस तेल पर थी जो पहले से जहाजों पर लदा हुआ था। अमेरिका की इस नीति का उद्देश्य वैश्विक तेल बाजार में संतुलन बनाए रखना था, खासकर जब ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष के कारण तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही थीं। भारत और चीन, जो ईरानी तेल के प्रमुख खरीदार हैं, अब वैकल्पिक स्रोतों की तलाश में हैं। भारत ने 2019 में ईरानी तेल खरीदना बंद कर दिया था, लेकिन हाल में छूट के दौरान दो बड़े टैंकरों के माध्यम से ईरानी तेल की खरीद की थी। अब छूट खत्म होने के बाद, भारत और चीन को ईरानी तेल की खरीद में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिबंधों को लागू कर सकता है, जिससे इन देशों की तेल कंपनियों और संबंधित बैंकों पर भी असर पड़ेगा।
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भारत और चीन को ईरानी तेल की सप्लाई बाधित होने से नई तेल खरीद के विकल्पों की तलाश करनी होगी, जिससे रिफाइनरियों और उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ सकती है।
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