साक्षी की संघर्ष की कहानी: आपदा के बावजूद 94.60% अंक हासिल किए
UK Board Topper 2026: आपदा में घर उजड़ा, हौसला नहीं; संघर्ष पर जीत की कहानी बन गई साक्षी
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साक्षी, जो सरखेत, उत्तराखंड की निवासी हैं, ने 19 अगस्त 2022 की आपदा के बाद कठिन परिस्थितियों में 94.60% अंक प्राप्त किए। उनके परिवार ने आपदा के बाद नए स्थान पर शरण ली, लेकिन साक्षी ने हार नहीं मानी और भारतीय सेना में शामिल होने का सपना देखा।
- 01साक्षी ने 94.60% अंक प्राप्त किए हैं, जो उनकी मेहनत का प्रमाण है।
- 02आपदा के बाद परिवार को नए स्थान पर शरण लेनी पड़ी।
- 03साक्षी का सपना भारतीय सेना में शामिल होना है।
- 04उनकी मां ने परिवार को हर मुश्किल में संभाला।
- 05साक्षी की कहानी संघर्ष और हौसले की मिसाल है।
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19 अगस्त 2022 को आई आपदा ने सरखेत, उत्तराखंड निवासी साक्षी के परिवार को बहुत कुछ छीन लिया। घर का सामान मलबे में दब गया और उन्हें किराए के मकान में शरण लेनी पड़ी। नए स्कूल में पढ़ाई करना आसान नहीं था, लेकिन साक्षी ने कठिनाइयों का सामना करते हुए हाईस्कूल परीक्षा में 94.60% अंक हासिल किए। उनका सपना भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना है। साक्षी का कहना है कि आपदा ने उन्हें जीवन की असली चुनौतियों से रूबरू कराया और यही अनुभव उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ बनाता है। उनके पिता महावीर सिंह कोटवाल एक कोचिंग संस्थान चलाते हैं और मां सुषमा ने हर मुश्किल घड़ी में परिवार का सहारा दिया। साक्षी की यह कहानी सिर्फ अंकों की नहीं, बल्कि उस जज्बे की है जो विपरीत परिस्थितियों में भी रास्ता बनाता है।
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साक्षी की सफलता से अन्य छात्रों को प्रेरणा मिलेगी कि विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता संभव है।
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