पटना हाईकोर्ट में वकीलों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू
पटना हाईकोर्ट में 'बार बनाम बेंच', वकीलों का 11 मई से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार
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पटना, बिहार में हाईकोर्ट के तीनों बार संगठनों ने न्यायाधीशों के व्यवहार के खिलाफ 11 मई 2026 से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है। वकीलों का कहना है कि न्यायाधीशों का रवैया पेशेवर शिष्टाचार के अनुरूप नहीं है, जिससे वकील असहज महसूस कर रहे हैं।
- 01पटना हाईकोर्ट में वकीलों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार 11 मई 2026 से शुरू होगा।
- 02यह निर्णय न्यायाधीशों के अनुचित व्यवहार के खिलाफ लिया गया है।
- 03हाईकोर्ट प्रशासन ने पार्किंग संबंधी नई व्यवस्था लागू की है।
- 04वकीलों का कहना है कि न्यायाधीशों का रवैया पेशेवर शिष्टाचार के खिलाफ है।
- 05सभी बार संगठनों ने इस निर्णय पर सहमति जताई है।
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पटना हाईकोर्ट में बार और बेंच के बीच बढ़ते तनाव के कारण, तीनों बार संगठनों की समन्वय समिति ने 11 मई 2026 से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है। यह निर्णय न्यायाधीशों के व्यवहार को लेकर वकीलों की नाराजगी के चलते लिया गया है। समिति ने कहा है कि हाल के दिनों में कई न्यायाधीशों का रवैया पेशेवर शिष्टाचार के अनुरूप नहीं रहा है, जिससे वकील असहज महसूस कर रहे हैं। इस बीच, हाईकोर्ट प्रशासन ने पार्किंग संबंधी नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अब वकीलों को कोर्ट परिसर में बैरियर के आगे वाहन ले जाने की अनुमति नहीं है। इस निर्णय के विरोध में वकीलों ने आपात बैठक बुलाई थी, जिसमें सर्वसम्मति से कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया। इस प्रस्ताव पर पटना हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रमुखों के हस्ताक्षर हैं।
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इस कार्य बहिष्कार से न्यायिक कार्य प्रभावित होगा, जिससे वकीलों और न्यायालयों के बीच संबंधों में तनाव बढ़ सकता है।
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