नेतरहाट के नैना गांव में जल संकट, प्रशासन की अनदेखी पर ग्रामीणों का आक्रोश
Ranchi: वर्ल्ड क्लास टूरिज्म का सपना, लेकिन गांव में पानी नहीं! नेतरहाट की तलहटी में 12 दिन से प्यासे ग्रामीण
Amar Ujala
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झारखंड के लातेहार जिले के नैना गांव में पिछले 12 दिनों से पानी की गंभीर कमी है, जबकि राज्य सरकार नेतरहाट को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। गांव के 60 परिवारों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, और प्रशासन ने केवल आश्वासन दिया है।
- 01नैना गांव की आबादी लगभग 300 है, जिसमें 60 परिवार गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं।
- 02गांव का एकमात्र सरकारी कुआं धंस गया है, जिससे पानी की उपलब्धता समाप्त हो गई है।
- 03ग्रामीणों ने अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाया है, जो केवल निरीक्षण करने आते हैं।
- 04पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता ने बोरिंग के लिए एस्टीमेट तैयार करने की जानकारी दी है।
- 05राज्य सरकार का 'हर घर जल' अभियान इस संकट के बीच सवालों के घेरे में है।
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झारखंड के लातेहार जिले में स्थित नैना गांव, जो नेतरहाट के तलहटी में है, पिछले 12 दिनों से पानी के गंभीर संकट का सामना कर रहा है। इस आदिवासी बहुल गांव में लगभग 300 लोग रहते हैं, और यहां का एकमात्र सरकारी कुआं धंस जाने के कारण 60 परिवार पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गर्मी के मौसम में महिलाएं और बच्चे सुबह चार बजे उठकर दो किलोमीटर दूर नदी से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को समस्या की जानकारी दी है, लेकिन प्रशासन ने केवल आश्वासन दिया है। पीएचईडी एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता दीपक कुमार महतो ने कहा कि बोरिंग का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। यह स्थिति राज्य सरकार के 'हर घर जल' अभियान पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जबकि सरकार ने नेतरहाट को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है।
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गांव के लोग बुनियादी जल संकट का सामना कर रहे हैं, जिससे उनकी दैनिक जीवनशैली प्रभावित हो रही है।
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