म्यांमार के राष्ट्रपति आंग ह्लाइंग की भारत यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाना
भारत दौरे पर म्यांमार के राष्ट्रपति आंग ह्लाइंग, महाबोधि मंदिर में दर्शन से की 5 दिवसीय यात्रा की शुरुआत
Image: Nbt Navbharattimes
म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने भारत की पांच दिवसीय यात्रा शुरू की, जिसमें व्यापार, सीमा सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा की जाएगी। उनकी यात्रा का प्रारंभ महाबोधि मंदिर में दर्शन से हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात भी होगी।
- 01यू मिन आंग ह्लाइंग की यात्रा का उद्देश्य व्यापार, संपर्क और रक्षा में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाना है।
- 02भारत और म्यांमार के बीच 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसमें उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र शामिल हैं।
- 03आंग ह्लाइंग के साथ उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है, जिसमें कैबिनेट मंत्री और व्यापारिक नेता शामिल हैं।
- 04भारत और म्यांमार के बीच सीमा सुरक्षा और संपर्क से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
- 05प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले वर्ष 'महासागर' की परिकल्पना की घोषणा की थी, जो भारत की विदेश नीति का हिस्सा है।
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म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने भारत की पांच दिवसीय यात्रा की शुरुआत महाबोधि मंदिर में दर्शन के साथ की। इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, संपर्क, सीमा सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाना है। आंग ह्लाइंग का स्वागत बिहार के राज्यपाल ने किया। यह यात्रा म्यांमार में हाल ही में हुए संसदीय चुनावों के बाद हो रही है, जहां आंग ह्लाइंग ने सैन्य शासन के खिलाफ चुनाव लड़ा। यात्रा के दौरान, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और व्यापारिक मंच में भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यात्रा के दौरान सीमा सुरक्षा और संपर्क से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। म्यांमार भारत की 'पड़ोसी प्रथम' और 'एक्ट ईस्ट' नीतियों का हिस्सा है, और दोनों देशों के बीच रक्षा और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए बातचीत की जाएगी।
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इस यात्रा से भारत और म्यांमार के बीच व्यापार और सुरक्षा संबंध मजबूत होंगे, जो पूर्वोत्तर राज्यों में स्थिरता लाने में मदद कर सकता है।
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