भारत में किफायती आवास क्षेत्र को वित्तीय संकट का सामना
धन संकट से जूझ रहा किफायती आवास बाजार, 1,500 परियोजनाएं अटकीं

Image: Business Standard
भारत में किफायती आवास बाजार वित्तीय संकट का सामना कर रहा है, जिसमें 1,500 परियोजनाएं रुकी हुई हैं। एनारॉक कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, इन परियोजनाओं के लिए 55,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। जबकि उच्च मूल्य वाले आवास तेजी से बढ़ रहे हैं, किफायती आवास की आपूर्ति में कमी आ रही है।
- 01भारत में किफायती आवास की कमी लगभग 1 करोड़ मकानों की है, और 2030 तक 2.5 करोड़ की आवश्यकता होगी।
- 02किफायती आवास की आपूर्ति में 2026 की पहली तिमाही में 40 लाख रुपये से कम कीमत वाले मकानों की हिस्सेदारी केवल 10 फीसदी रह गई।
- 03एनारॉक कैपिटल के CEO शोभित अग्रवाल ने कहा कि पूंजी की कमी नहीं है, बल्कि यह बड़े डेवलपर्स और मुख्य शहरों तक सीमित है।
- 04सरकार समर्थित स्वामी कोष-2 ने 2019 में 15,530 करोड़ रुपये के प्रारंभिक कोष से 58,596 मकानों को पूरा करने में मदद की है।
- 05भारत की डेटा सेंटर क्षमता 2030 तक 8 गीगावाट से अधिक होने की उम्मीद है, जिससे नए निवेश के अवसर उत्पन्न होंगे।
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भारत में किफायती आवास क्षेत्र गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है, जिसमें 1,500 परियोजनाएं रुकी हुई हैं और इन परियोजनाओं के लिए लगभग 55,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। एनारॉक कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में किफायती आवास की कमी लगभग 1 करोड़ मकानों की है, और 2030 तक इस क्षेत्र को 2.5 करोड़ अतिरिक्त मकानों की आवश्यकता होगी। हाल के वर्षों में, किफायती आवास की आपूर्ति में कमी आई है, जहां 2026 की पहली तिमाही में 40 लाख रुपये से कम कीमत वाले मकानों की हिस्सेदारी केवल 10 फीसदी रह गई। इसके विपरीत, प्रीमियम आवास सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें 1.5 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले मकानों का हिस्सा 53 फीसदी है। एनारॉक के CEO शोभित अग्रवाल ने कहा कि पूंजी की कमी नहीं है, बल्कि यह बड़े डेवलपर्स और मुख्य शहरों तक सीमित है। सरकार समर्थित स्वामी कोष-2 ने अब तक 58,596 मकानों को पूरा करने में मदद की है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में विकास के कारण भारत की डेटा सेंटर क्षमता 2030 तक 8 गीगावाट से अधिक होने की उम्मीद है।
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इस संकट का असर आम लोगों पर पड़ेगा, विशेषकर उन परिवारों पर जो किफायती आवास की तलाश में हैं।
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