ताइवान में अमेरिका की सुरक्षा गारंटी पर बढ़ा संदेह, सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े
ईरान-US जंग को देखकर ताइवान का अमेरिका से उठा भरोसा, लोग बोले- हम चीन से लड़े तो ये आएंगे भी नहीं
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ईरान और अमेरिका के बीच हालिया सैन्य टकराव के बाद ताइवान की जनता ने अमेरिका की सुरक्षा गारंटी पर संदेह जताया है। एक सर्वे में 57 प्रतिशत ताइवानी लोगों ने कहा कि वे चीन के हमले पर अमेरिका की मदद की उम्मीद नहीं करते। यह स्थिति ताइवान में कूटनीति की ओर झुकाव को भी दर्शाती है।
- 01ताइवान के 57% लोग अमेरिका की सैन्य सहायता पर संदेह जता रहे हैं।
- 02सर्वे में 55.6% ने अमेरिकी सेना की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए।
- 03ताइवान की जनता अब कूटनीति की ओर झुक रही है।
- 04यूक्रेन युद्ध और ईरान-इजरायल तनाव ने धारणा में बदलाव किया।
- 0550% लोग चीन के साथ बातचीत का समर्थन कर रहे हैं।
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ईरान और अमेरिका के बीच हालिया सैन्य टकराव ने ताइवान की जनता में अमेरिका की सुरक्षा गारंटी पर संदेह पैदा कर दिया है। एक नए सर्वे में, 57 प्रतिशत ताइवानी लोगों ने कहा कि वे चीन के हमले की स्थिति में अमेरिका की मदद की उम्मीद नहीं करते। केवल 25 प्रतिशत लोग ही मानते हैं कि अमेरिका उनकी रक्षा के लिए सेना भेजेगा। इसके अलावा, 55.6 प्रतिशत लोगों ने अमेरिकी सेना की प्रभावशीलता पर सवाल उठाया है, जबकि 49 प्रतिशत ने अमेरिकी हथियारों की रक्षा क्षमता पर अविश्वास जताया है। शोधकर्ता चांग चुन-काई के अनुसार, ताइवानी धारणा में यह बदलाव वैश्विक संघर्षों को करीब से देखने के बाद आया है। सर्वे में यह भी सामने आया कि ताइवान की जनता अब कूटनीति की ओर झुक रही है, और लगभग 50 प्रतिशत लोग चीन के साथ बातचीत का समर्थन कर रहे हैं।
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यह स्थिति ताइवान की सुरक्षा नीति और चीन के साथ संबंधों को प्रभावित कर सकती है।
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