उत्तराखंड में सरकारी गाड़ियों का निजी उपयोग: मोदी की ईंधन बचत अपील पर सवाल
पीएम मोदी की ईंधन बचत की अपील, फिर भी उत्तराखंड में सरकारी गाड़ियों से स्कूल जा रहे ‘VIP बच्चे’
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उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सरकारी गाड़ियों का निजी उपयोग बढ़ता जा रहा है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचाने की अपील की है। सरकारी वाहनों का स्कूलों के बाहर बच्चों को लाने-ले जाने में इस्तेमाल हो रहा है, जिससे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर सवाल उठ रहे हैं।
- 01प्रधानमंत्री मोदी ने ईंधन बचाने की अपील की है।
- 02देहरादून में सरकारी गाड़ियों का निजी उपयोग बढ़ रहा है।
- 03सरकारी वाहन स्कूलों के बाहर बच्चों को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं।
- 04इससे ट्रैफिक और ईंधन पर दबाव बढ़ रहा है।
- 05प्रशासनिक नियमों के अनुसार सरकारी वाहनों का उपयोग केवल सरकारी कार्यों के लिए होना चाहिए।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील के बावजूद, उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सरकारी गाड़ियों का निजी उपयोग बढ़ता जा रहा है। कई बड़े निजी स्कूलों के बाहर सरकारी नंबर प्लेट वाली गाड़ियां बच्चों को स्कूल छोड़ने और लेने के लिए पहुंच रही हैं। यह स्थिति सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को दर्शाती है, जो ईंधन बचाने की अपील के विपरीत है। सरकारी विभागों ने कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जब सरकारी वाहन निजी उपयोग में लगेंगे, तो ईंधन बचत का संदेश कितना प्रभावी रहेगा, यह एक बड़ा सवाल है। ट्रैफिक के बढ़ते दबाव का एक कारण भी इन वाहनों की अत्यधिक आवाजाही है। प्रशासनिक नियमों के अनुसार, सरकारी वाहनों का उपयोग केवल अधिकृत सरकारी कार्यों के लिए होना चाहिए, जिससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि ट्रैफिक दबाव भी कम किया जा सकेगा।
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सरकारी गाड़ियों के निजी उपयोग से ईंधन की बर्बादी हो रही है, जो आम नागरिकों के लिए ईंधन की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
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