याना गुप्ता: एक आइटम गर्ल की अध्यात्मिक यात्रा
'बाबूजी गर्ल' अध्यातम की खोज में आई थी भारत, 24 में बनीं नेशनल क्रश, अब 23 साल बाद हुई ऐसी हालत
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याना गुप्ता, जो चेकोस्लोवाकिया में जन्मी थीं, ने मॉडलिंग और बॉलीवुड में सफलता हासिल की। लेकिन मानसिक शांति की तलाश में वह पुणे के ओशो आश्रम आईं। अब, 23 साल बाद, वह योग और आध्यात्मिकता पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
- 01याना गुप्ता का जन्म 23 अप्रैल 1979 को चेकोस्लोवाकिया में हुआ था।
- 02उन्होंने ओशो आश्रम में अध्यात्म की खोज के लिए भारत आने का निर्णय लिया।
- 03साल 2003 में 'दम' फिल्म के गाने 'बाबूजी जरा धीरे चलो' से मिली पहचान।
- 04याना ने अपनी पहचान एक आइटम गर्ल के रूप में बनाई, लेकिन गंभीर भूमिकाओं की तलाश में रहीं।
- 05वर्तमान में, वह योग और मेडिटेशन पर ध्यान दे रही हैं।
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याना गुप्ता, जिनका जन्म 23 अप्रैल 1979 को चेकोस्लोवाकिया के ब्रनो शहर में हुआ था, ने मॉडलिंग में सफलता हासिल करने के बाद बॉलीवुड में भी कदम रखा। उन्होंने 2003 में फिल्म 'दम' के गाने 'बाबूजी जरा धीरे चलो' से रातोंरात प्रसिद्धि पाई। हालांकि, लगातार काम और ग्लैमर की दुनिया में भागदौड़ से थककर, याना ने पुणे के ओशो आश्रम में जाकर अध्यात्म की खोज करने का निर्णय लिया। यहां उन्होंने सत्यकाम गुप्ता से शादी की और भारत को अपना घर बना लिया। याना ने कई आइटम नंबरों में काम किया, लेकिन उन्हें गंभीर भूमिकाओं की कमी का सामना करना पड़ा। अब, वह योग और मेडिटेशन पर ध्यान दे रही हैं, और फिल्मी दुनिया से धीरे-धीरे दूर हो गई हैं।
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