हिमालय तक पहुंचा प्रदूषण: PM स्तर 20% बढ़ा, नई स्टडी में खुलासा
हिमालय तक भी पहुंच गया प्रदूषण, गंगा के मैदान PM Pollution 20 फीसदी बढ़ा; स्टडी में खुलासा

Image: Jagran
एक नई स्टडी में पता चला है कि भारत में PM प्रदूषण स्तर पिछले एक दशक में 20% बढ़ गया है, विशेषकर बिहार और पश्चिम बंगाल में। यह प्रदूषण अब हिमालय तक पहुंच रहा है, जिससे वहां की वायु गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
- 01कोलकाता के बोस इंस्टीट्यूट द्वारा की गई स्टडी में PM प्रदूषण में 20% वृद्धि का खुलासा हुआ है।
- 02प्रदूषण के स्रोतों में थर्मल पावर प्लांट, बायोमास जलाना और शहरी ठोस कचरा जलाना शामिल हैं।
- 03हिमालय में एरोसोल की मात्रा पर मैदानों से निकलने वाले प्रदूषण का सीधा असर पड़ रहा है।
- 04भारत के राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के बावजूद बिहार और पश्चिम बंगाल में प्रदूषण के स्तर में सुधार की आवश्यकता है।
- 052000-2009 के बीच केंद्रित प्रदूषण अब 2020-2024 में व्यापक रूप से फैल गया है।
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एक हालिया अध्ययन में यह सामने आया है कि भारत में PM प्रदूषण का स्तर पिछले एक दशक में 20% बढ़ गया है, जिसमें बिहार और पश्चिम बंगाल सबसे अधिक प्रभावित हैं। कोलकाता के बोस इंस्टीट्यूट द्वारा किए गए इस अध्ययन के अनुसार, प्रदूषण अब गंगा के मैदानों से हिमालय तक पहुंच रहा है। अध्ययन में बताया गया है कि थर्मल पावर प्लांट, बायोमास जलाने और शहरी ठोस कचरा जलाने से होने वाला उत्सर्जन गंभीर स्थिति पैदा कर रहा है। यह अध्ययन गंगा के मैदान, हिमालयी क्षेत्र और पूर्वोत्तर भारत के 25 वर्षों के डेटा पर आधारित है। प्रदूषण का असर हिमालय में एरोसोल की मात्रा पर पड़ रहा है, जिससे वहां की वायु गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। हालांकि, भारत के राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के कारण कुछ सुधार देखने को मिले हैं, लेकिन बिहार और पश्चिम बंगाल अभी भी कार्बनयुक्त एयरोसोल के हॉटस्पॉट बने हुए हैं।
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प्रदूषण का बढ़ता स्तर स्वास्थ्य और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है, विशेषकर बिहार और पश्चिम बंगाल में।
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