नीट पेपर लीक मामले में 45 लाख रुपये का सौदा, 150 से अधिक छात्र शामिल
₹4500000 का सौदा, डेढ़ सौ छात्र और सोशल मीडिया का खेल... कैसे रची गई नीट पेपर लीक की साजिश?
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Image: Jagran
राजस्थान में नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में 45 लाख रुपये का सौदा हुआ, जिसमें 150 से अधिक छात्रों का नाम शामिल है। सीकर के करियर काउंसलर राकेश मंडवारिया को हिरासत में लिया गया है, जबकि सीबीआई ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
- 01नीट-यूजी 2026 का पेपर लीक, 1000 छात्रों को मिला था लीक पेपर
- 02सीकर के करियर काउंसलर राकेश मंडवारिया को हिरासत में लिया गया
- 03पेपर लीक में 45 लाख रुपये का सौदा हुआ, जिसमें 30 लाख अग्रिम दिए गए
- 04टेलीग्राम और वाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल किया गया
- 05सीबीआई ने 10 घंटे की पूछताछ के बाद 5 लोगों को गिरफ्तार किया
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राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि लीक पेपर करीब एक हजार छात्रों को मिला था। सीकर के करियर काउंसलर राकेश मंडवारिया ने टेलीग्राम के माध्यम से 700 से अधिक छात्रों को 410 सवालों का अभ्यास करवाया। एसओजी ने 150 से अधिक छात्रों के नाम सीबीआई को सौंपे हैं, जो राकेश के संपर्क में आए थे। आरोप है कि पेपर लीक माफियाओं ने वाट्सएप ग्रुप बनाकर छात्रों को जोड़कर पेपर साझा किया। जांच में यह भी पता चला कि आरोपितों ने गुरुग्राम के यश यादव से 45 लाख रुपये में पेपर का सौदा किया, जिसमें से 30 लाख रुपये अग्रिम दिए गए। सीबीआई ने 10 घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद दिनेश बिंवाल, मांगीलाल, उनके पुत्र विकास और यश को गिरफ्तार किया।
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इस मामले से छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं।
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