तेल की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि, अमेरिका ने ईरान पर नया दबाव बनाया
होर्मुज ब्लॉकेड ने तोड़ा तेल की महंगाई का रिकॉर्ड! परेशान ट्रंप ने देशों को भेजा ये सीक्रेट मैसेज
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होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी नाकेबंदी के चलते कच्चे तेल की कीमतें 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए देशों को गुप्त संदेश भेजा है। ईरान ने कहा कि उसकी तेल उत्पादन पर नाकेबंदी का कोई असर नहीं हुआ है, जबकि कीमतें बढ़ने की संभावना है।
- 01कच्चे तेल की कीमतें 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।
- 02अमेरिका ने देशों को होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बहाल करने के लिए गुप्त संदेश भेजा है।
- 03ईरान ने कहा कि उसकी तेल उत्पादन पर नाकेबंदी का कोई असर नहीं है।
- 04ट्रंप ने ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने देने की बात की।
- 05ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहने पर सैन्य कार्रवाई करेगा।
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होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी नाकेबंदी के कारण कच्चे तेल की कीमतें 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो पिछले चार साल का रिकॉर्ड है। ईरान ने कहा है कि अमेरिकी नाकाबंदी का उसके तेल उत्पादन पर कोई असर नहीं हुआ है और उसने भविष्यवाणी की है कि कीमतें 140 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। अमेरिका ने इस स्थिति के बीच देशों को एक गुप्त संदेश भेजा है, जिसमें उन्हें होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बहाल करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने का आग्रह किया गया है। इस संदेश को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक सीक्रेट डिप्लोमैटिक केबल के माध्यम से भेजा है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल आया है, जिससे आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ गया है। ट्रंप ने ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने देने की बात कही है, जबकि ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है।
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तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक महंगाई को बढ़ा रही हैं और इससे आम लोगों के लिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ेंगी।
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