कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौतों का सिलसिला जारी
कूनो में चीतों की मौत का सिलसिला जारी, अब तक 23 चीते और शावक गंवा चुके हैं जान
Jagran
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कूनो नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश में चीतों की मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। पिछले साढ़े तीन साल में 23 चीतों और शावकों की जान चली गई है, जबकि अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं।
- 01कूनो नेशनल पार्क में 23 चीतों और शावकों की मौत हुई है।
- 02अत्याधुनिक वन्यजीव अस्पताल में चीतों का उपचार किया जाता है।
- 03मौतों का कारण बीमारी, डिहाइड्रेशन और आपसी संघर्ष है।
- 04कूनो प्रबंधन ने कहा कि विशेषज्ञों से वीडियो कॉल पर सलाह ली जाती है।
- 05सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी के बावजूद चीतों की मौतें हो रही हैं।
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कूनो नेशनल पार्क, मध्य प्रदेश में चीतों की मौतों का सिलसिला जारी है, जहाँ पिछले साढ़े तीन साल में कुल 23 चीतों और शावकों की जान चली गई है। इन चीतों के लिए एक अत्याधुनिक वन्यजीव अस्पताल स्थापित किया गया है, जिसमें चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ विशेषज्ञों की सलाह भी ली जाती है। हालांकि, अस्पताल में केवल एक नवजात शावक को बचाया जा सका है। हाल ही में एक घायल चीता अस्पताल में दम तोड़ गया, जिससे चीतों की निगरानी और उपचार की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। चीतों की मौतें विभिन्न कारणों से हो रही हैं, जैसे बीमारी, डिहाइड्रेशन और आपसी संघर्ष। कूनो प्रबंधन ने दावा किया है कि चीतों की सुरक्षा के लिए हाईटेक निगरानी प्रणाली है, लेकिन इसके बावजूद मौतें रुक नहीं रही हैं।
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चीतों की लगातार मौतें कूनो नेशनल पार्क की जैव विविधता और संरक्षण प्रयासों को प्रभावित कर रही हैं।
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