पाकिस्तान में ईरानी तेल की तस्करी: हर दिन 1 करोड़ लीटर का कारोबार
ईरान के तेल पर अमेरिका की नाकेबंदी, इधर हर दिन 1 करोड़ लीटर तेल की पाकिस्तान में हो रही तस्करी
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पाकिस्तान, जो अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते तेल संकट का सामना कर रहा है, बलूचिस्तान में हर दिन 1 करोड़ लीटर ईरानी तेल की तस्करी का सामना कर रहा है। यह तस्करी नेटवर्क पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को 81.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर का नुकसान पहुंचा रहा है।
- 01पाकिस्तान में हर दिन 1 करोड़ लीटर ईरानी तेल की तस्करी हो रही है।
- 02तस्करी के कारण पाकिस्तान को 81.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर का वार्षिक राजस्व नुकसान हो रहा है।
- 03बलूचिस्तान में तस्करी नेटवर्क ने एक समानांतर अर्थव्यवस्था का निर्माण कर लिया है।
- 04ईरानी डीलरों को हर साल 284 अरब रुपये का भुगतान किया जाता है।
- 05तस्करी का तेल पूरे पाकिस्तान में फैला हुआ है, जिसमें 45% सिंध में उपयोग होता है।
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पाकिस्तान, जो अमेरिका-ईरान संघर्ष और होर्मुज की नाकेबंदी के कारण तेल संकट का सामना कर रहा है, बलूचिस्तान में ईरानी तेल की तस्करी के चलते एक गंभीर समस्या का सामना कर रहा है। हर दिन लगभग 1 करोड़ लीटर ईरानी तेल तस्करी के माध्यम से पाकिस्तान में प्रवेश करता है। इस तस्करी के कारण पाकिस्तान का तेल आयात बिल 300 मिलियन डॉलर से बढ़कर 800 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। बलूचिस्तान में तस्करी नेटवर्क ने एक अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का निर्माण कर लिया है, जिससे पाकिस्तान को हर साल लगभग 81.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर का राजस्व नुकसान हो रहा है। तस्करी के लिए गुप्त पहाड़ी रास्तों का उपयोग किया जाता है, और स्थानीय निवासियों, सरकारी अधिकारियों और हथियारबंद समूहों के बीच तालमेल से यह नेटवर्क मजबूत हुआ है। ईरानी डीलरों को हर साल 284 अरब रुपये का भुगतान किया जाता है, और यह तस्करी प्रणाली अब एक संगठित समानांतर अर्थव्यवस्था का रूप ले चुकी है।
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इस तस्करी के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है, जिससे स्थानीय समुदायों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
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