उत्तर प्रदेश में पहली सरकारी बस सेवा का इतिहास और उपलब्धियां
यूपी में पहली सरकारी बस कब चली थी? कौन सा मुख्यमंत्री बना था पहला यात्री?

Image: Zee News
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की स्थापना 15 मई 1947 को हुई थी, जब पहले मुख्यमंत्री गोविंद बल्लभ पंत ने पहली बस यात्रा की। आज, यूपी रोडवेज 300 से अधिक बस स्टेशनों और 9500 बसों के साथ देश में सबसे बड़ा बस बेड़ा रखता है।
- 01उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की स्थापना 15 मई 1947 को हुई थी।
- 02पहली बस यात्रा गोविंद बल्लभ पंत द्वारा लखनऊ से बाराबंकी के बीच की गई थी।
- 031972 में परिवहन निगम का पुनर्गठन करके इसे उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) नाम दिया गया।
- 04यूपी में 300 से अधिक बस स्टेशन और 115 से ज्यादा वर्कशॉप हैं।
- 05रोडवेज के पास 9500 बसें हैं और 3000 बसें अनुबंधित हैं।
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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की स्थापना 15 मई 1947 को हुई थी, जब पहले मुख्यमंत्री गोविंद बल्लभ पंत ने लखनऊ के अवध डिपो से बाराबंकी के बीच पहली सरकारी बस यात्रा की। इस सेवा का प्रारंभिक नाम गवर्नमेंट रोडवेज था, जिसे 1 जून 1972 को पुनर्गठित कर UPSRTC नाम दिया गया। वर्तमान में, यूपी रोडवेज 300 से अधिक बस स्टेशनों और 9500 से अधिक बसों के साथ देश में सबसे बड़ा बस बेड़ा रखता है। इसके अलावा, 115 से अधिक वर्कशॉप भी हैं। हाल ही में, 19 डिपो का निजीकरण किया गया है। रोडवेज ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जिसमें नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन और एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित बस स्टेशनों का निर्माण शामिल है।
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यूपी रोडवेज की बस सेवा से यात्रियों को सुविधाजनक और सस्ती परिवहन सेवाएं मिलती हैं।
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