तुषार कपूर का फिल्मी सफर: सुपरहिट डेब्यू से फ्लॉप फिल्मों तक
25 मई 2001: सुपरहिट फिल्म से किया डेब्यू, फिर लगा दी फ्लॉप की बाढ़, को-स्टार बनने पर मजबूर हुआ सुपरस्टार का बेटा

Image: News 18 Hindi
तुषार कपूर ने 25 मई 2001 को फिल्म 'मुझे कुछ कहना है' से बॉलीवुड में कदम रखा, जो एक बड़ी हिट साबित हुई। हालांकि, इसके बाद उनकी कई फिल्में फ्लॉप रहीं, जिसके चलते उन्होंने मल्टी-स्टारर फिल्मों में सहायक भूमिकाएँ निभाने का निर्णय लिया।
- 01तुषार कपूर ने 2001 में 'मुझे कुछ कहना है' से करियर की शुरुआत की, जो एक बड़ी हिट रही।
- 02फिल्म ने तुषार को बेस्ट डेब्यू अवार्ड दिलाया और यह 2001 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक बनी।
- 03तुषार की बाद की कई फिल्में जैसे 'क्या दिल ने कहा' और 'ये दिल' बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं।
- 04फ्लॉप फिल्मों के बाद तुषार ने मल्टी-स्टारर फिल्मों में सहायक भूमिकाएँ निभाने का फैसला किया।
- 052006 में 'गोलमाल: फन अनलिमिटेड' में उनकी भूमिका ने उन्हें एक नई पहचान दिलाई।
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तुषार कपूर ने 25 मई 2001 को सतीश कौशिक की फिल्म 'मुझे कुछ कहना है' से बॉलीवुड में कदम रखा, जिसने उन्हें एक रोमांटिक सुपरस्टार के रूप में स्थापित किया। इस फिल्म ने तुषार को बेस्ट डेब्यू अवार्ड दिलाया और यह 2001 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक बन गई। हालांकि, तुषार की बाद की कई फिल्में जैसे 'क्या दिल ने कहा', 'ये दिल', और 'जीना सिर्फ मेरे लिए' बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। दर्शकों ने उनके सोलो हीरो के तौर पर अभिनय को नकार दिया, जिसके चलते उन्हें 'वन फिल्म वंडर' कहा जाने लगा। इस चुनौतीपूर्ण समय में, तुषार ने मल्टी-स्टारर फिल्मों में सहायक भूमिकाएँ निभाने का निर्णय लिया। 2004 में 'खाकी' में उनके सहायक पुलिस ऑफिसर के रोल ने सराहना प्राप्त की। 2006 में, रोहित शेट्टी की 'गोलमाल: फन अनलिमिटेड' में तुषार ने एक गूंगे लड़के का किरदार निभाया, जिसने उन्हें एक नई पहचान दिलाई।
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