दिल्ली में 1500000 आदिवासियों का महाकुंभ: 'लव-लैंड जिहाद' के खिलाफ एकजुटता
1500000 आदिवासियों का 'महाकुंभ', दिल्ली में 'लव-लैंड जिहाद' और धर्मांतरण के खिलाफ होगा शंखनाद

Image: News 18 Hindi
24 मई को दिल्ली में 150,000 से अधिक आदिवासी लोग 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' के खिलाफ एकत्रित होंगे। यह आयोजन उनकी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए है। आयोजकों के अनुसार, यह एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन है, जिसका उद्देश्य जनजातीय अधिकारों की सुरक्षा और धर्मांतरण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना है।
- 01यह आयोजन 24 मई को दिल्ली में होगा, जिसमें 150,000 से अधिक आदिवासी लोग शामिल होंगे।
- 02आयोजकों का कहना है कि यह प्रदर्शन उग्र आंदोलन नहीं, बल्कि संस्कृति का भव्य प्रदर्शन है।
- 03आदिवासी समाज का मानना है कि ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्मांतरण की कोशिशें हो रही हैं।
- 04आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा के लिए भारतीय संविधान में विशेष प्रावधान हैं, लेकिन कई लोग अभी भी संघर्ष कर रहे हैं।
- 05गृहमंत्री अमित शाह इस सांस्कृतिक समागम में शामिल होने की संभावना है।
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दिल्ली में 24 मई को एक ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देशभर से 150,000 से अधिक आदिवासी लोग एकत्रित होंगे। यह महाकुंभ 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक है। आयोजकों के अनुसार, यह एक शांतिपूर्ण और सांस्कृतिक प्रदर्शन है, जिसका उद्देश्य आदिवासी समाज की संस्कृति, धर्म और परंपराओं की रक्षा करना है। आयोजक प्रमोद पैठकर ने बताया कि आदिवासी समाज को ईसाई मिशनरियों द्वारा धर्मांतरण के प्रयासों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, जनजातियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए भारतीय संविधान में विशेष प्रावधान हैं, लेकिन कई लोग अभी भी इन अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पैठकर ने यह भी कहा कि सरकारी नौकरियों में धर्मांतरित ईसाइयों का बड़ा हिस्सा है, जिससे आदिवासी समाज के लोग वंचित हो रहे हैं। इस आयोजन में गृहमंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है, जो इसे और भी महत्वपूर्ण बनाता है।
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यह आयोजन आदिवासी समाज के अधिकारों और उनकी संस्कृति की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
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