उत्तराखंड में नए शहरों और रेल परियोजनाओं पर प्रमुख सचिव का बयान
पहाड़ों पर दौड़ेगी रेल, बनेंगे नए शहर... जी यूपीयूके के मंच पर ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर बोले प्रमुख सचिव

Image: Zee News
उत्तराखंड के प्रमुख सचिव डॉ. मीनाक्षी सुंदरम ने Samriddhi Samvad कार्यक्रम में ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य में जल विद्युत उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं और नई रेल परियोजनाएं, जैसे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, 2028 तक पूरी होंगी।
- 01उत्तराखंड की ऊर्जा जरूरत का केवल 40-45% हिस्सा राज्य में उत्पादन होता है।
- 02दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने यात्रा का समय कम किया है।
- 03ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना 2028 तक पूरी होने की उम्मीद है।
- 04सरकार छोटे सोलर प्रोजेक्ट्स और सोलर गांवों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
- 05नए शहरों की योजना के तहत श्रीनगर के पास बेलकेदार क्षेत्र में विकास किया जा रहा है।
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उत्तराखंड में Samriddhi Samvad कार्यक्रम के दौरान, प्रमुख सचिव डॉ. मीनाक्षी सुंदरम ने राज्य के ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य में जल विद्युत उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन पर्यावरणीय मंजूरियों के कारण कई परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पाईं। वर्तमान में, राज्य अपनी बिजली जरूरत का केवल 40-45% ही उत्पादन कर पाता है। डॉ. सुंदरम ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की यात्रा में कमी और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की महत्वाकांक्षी परियोजना का भी जिक्र किया, जो 2028 तक पूरी होने की उम्मीद है। इसके अलावा, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश और शारदा कॉरिडोर पर परियोजनाएं चल रही हैं। पलायन की समस्या से निपटने के लिए नए शहरों के विकास की योजना भी बनाई जा रही है।
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नई रेल परियोजनाएं और शहरों का विकास उत्तराखंड में रोजगार के अवसर बढ़ाएगा और पलायन की समस्या को कम करेगा।
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