दिव्या तंवर: बिना कोचिंग के बनीं IPS और IAS, प्रेरणादायक सफलता की कहानी
दिव्या तंवर 22 में IPS और 23 की उम्र में बनीं IAS, कोचिंग और इंटरनेट के बिना छोटे कमरे में की UPSC की तैयारी

Image: Ndtv
दिव्या तंवर, हरियाणा के महेंद्रगढ़ की निवासी, ने बिना किसी कोचिंग और इंटरनेट के छोटे कमरे में UPSC की तैयारी की। 22 साल की उम्र में पहले IPS और फिर IAS बनकर उन्होंने साबित किया कि कठिनाइयों के बावजूद दृढ़ संकल्प से सफलता हासिल की जा सकती है।
- 01दिव्या तंवर ने 2021 में पहले प्रयास में 438वीं रैंक हासिल कर IPS बनीं और 2022 में 105वीं रैंक के साथ IAS बनीं।
- 02उनकी सफलता का मुख्य कारण उनकी मां का समर्थन और परिवार का हौसला है।
- 03दिव्या ने NCERT की किताबों से अपनी पढ़ाई शुरू की और टॉपर्स के इंटरव्यू से मार्गदर्शन लिया।
- 04पढ़ाई के खर्चों को पूरा करने के लिए दिव्या ने ट्यूशन पढ़ाने का काम किया।
- 05दिव्या का सपना था कि वे अपनी मां को गर्व महसूस कराएं, जो उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बनीं।
Advertisement
In-Article Ad
दिव्या तंवर, जो हरियाणा के महेंद्रगढ़ की रहने वाली हैं, ने बिना किसी कोचिंग और इंटरनेट के माध्यम से UPSC की परीक्षा में सफलता हासिल की। दिव्या का सफर कठिनाइयों से भरा था, क्योंकि उनके पिता का निधन बचपन में हो गया था और उनकी मां ने तीन बच्चों की जिम्मेदारी अकेले उठाई। दिव्या ने 22 साल की उम्र में पहले IPS और फिर IAS बनने का सपना देखा। उन्होंने अपनी तैयारी की शुरुआत UPSC की आधिकारिक वेबसाइट से सिलेबस डाउनलोड करके की और NCERT की किताबों से बेसिक ज्ञान मजबूत किया। दिव्या ने अपने पहले प्रयास में 438वीं रैंक हासिल की और मणिपुर कैडर में IPS बनीं। लेकिन उनका सपना IAS बनने का था, इसलिए उन्होंने 2022 में दोबारा परीक्षा दी और 105वीं रैंक के साथ IAS बनीं। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो किसी भी परिस्थिति में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
Advertisement
In-Article Ad
दिव्या तंवर की सफलता से युवाओं को प्रेरणा मिलती है कि कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि बिना कोचिंग के UPSC परीक्षा पास करना संभव है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




